महाकुंभ में नकली शेख बनकर पहुंचा युवक, साधुओं ने पकड़कर पीटा
A young man reached Maha Kumbh disguised as a fake Sheikh, was caught and beaten by the sadhus

- अरबी शेख का रूप धरकर पहुंचा था युवक
- रील बनाने के दौरान साधुओं ने पकड़कर पीटा
- वायरल वीडियो में दिखा, जमकर हुई बेइज्जती
प्रयागराज/उत्तर प्रदेश। प्रयागराज में लगे महाकुंभ मेला के दौरान कई अजीब मामले सामने आ रहे। सोशल मीडिया और रील कल्चर का असर सनातन के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ 2025 में भी दिख रहा है। इसी बीच महाकुंभ नगरी से एक विचित्र घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर इस घटना ने खूब सुर्खियां बटोरनी शुरू कर दी हैं। दरअसल, महाकुंभ मेला में एक युवक नकली अरबी शेख का भेष बनाकर महाकुंभ में रील बनाने पहुंचा था। हालांकि, उसे ऐसी अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। युवक को साधुओं ने पकड़ लिया। इसके बाद साधुओं और लोगों ने मिलकर उसे पीट दिया।
वायरल वीडियो से पूरा मामला खुला है। दरअसल, वीडियो में एक युवक को अरबी शेख की पोशाक पहने देखा जा सकता है। उसके साथ दो अन्य युवक भी हैं। वे उसके बॉडीगार्ड होने का दिखावा कर रहे हैं। उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि वे राजस्थान से आए हैं। उनके नाम के बारे में पूछा गया तो मजाक उड़ाते हुए अपना नाम शेख प्रेमानंद बताया। यह उन पर भारी पड़ गया।
साधुओं और लोगों ने युवक को पकड़ लिया। इसे धार्मिक आस्था से खिलवाड़ के तौर पर पेश किया गया। वीडियो के अगले हिस्से में दिखता है कि युवक को कुछ साधु और अन्य लोग घेरे हुए हैं। उन लोगों ने युवक की शेख वाली पगड़ी हटा दी। एक साधु को उसका कॉलर पकड़ते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान वीडियो में मारो-मारो की आवाजें पीछे से सुनाई देती हैं। घटना महाकुंभ के दौरान हुई, जब लाखों श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने और आध्यात्मिक अनुभव लेने के लिए पहुंचे हैं। इस बीच कई अन्य वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक वीडियो माला बेचने वाली लड़की का भी खासा चर्चा में रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग युवक की हरकत को मजाकिया बता रहे हैं। कई इसे धार्मिक आयोजनों की गरिमा का अपमान मान रहे हैं।
महाकुंभ में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। इस घटना के बारे में प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ाने की बात कही जा रही है। महाकुंभ का आयोजन मर्यादा को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देती है।




