पीएम मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को दी बधाई

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 77 वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को बधाई दी और उनसे वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को और सशक्त बनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को 10वीं बार लाल किले की प्राचीर से संबोधित किया है। देश को संबोधित करने से पहले उन्होंने लाल किले पर तिरंगा फहराया। मंगलवार को लाल किले की प्राचीर से नई योजना का भी ऐलान किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि विविध क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियां दुनिया में स्थिरता ला रही हैं और वह ‘विश्व मित्र’ के रूप में उभरा है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते कद का उल्लेख करते हुए इसे अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धि बतायी। लाल किले की प्राचीर से 77वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘भारत के सामर्थ्य को लेकर भारतीयों और दुनिया के मन में कोई किन्तु, परंतु नहीं है और विकास को लेकर देश का दृष्टिकोण वैश्विक कल्याण होना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भारत ने जिस प्रकार से देश को आगे बढ़ाया है, दुनिया ने देश के सामर्थ्‍य को देखा है। उन्होंने कहा, ‘‘जब दुनिया की आपूर्ति श्रृंखला तहस-नहस हो गई थी, बड़ी-बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था पर दबाव था, उस समय भी हमने कहा था हमें विश्‍व का विकास देखना है, तो वो मानव केंद्रित होना चाहिए।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद एक नयी विश्‍व व्यवस्था, एक नया भू राजनीतिक समीकरण बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मोदी ने कहा, ‘‘भू राजनीतिक समीकरण की सारी व्‍याख्‍याएं बदल रही हैं, परिभाषाएं बदल रही हैं। और ऐसे में विश्‍व को आकार देने में आज 140 करोड़ देशवासियों का सामर्थ्‍य नजर आ रहा है। आप निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं।’’ उन्होंने कहा कि आज भारत ग्‍लोबल साउथ की आवाज बन रहा है, भारत की समृद्धि, विरासत आज दुनिया के लिए एक अवसर बन रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में, आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्‍सेदारी बढ़ी है, भारत में परिस्थिति पैदा हुई है, भारत ने जो कमाया है, वह दुनिया में स्थिरता की गारंटी ले करके आया है। उन्होंने कहा, ‘‘ अब न हमारे मन में, न 140 करोड़ लोगों के मन में और न ही दुनिया के मन में कोई किंतु, कोई परंतु है, विश्‍वास बन चुका है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘अब गेंद हमारे पाले में है, हमें अवसर जाने नहीं देना चाहिए, हमें मौका छोड़ना नहीं चाहिए।’’ प्रधानमंत्री ने करीब 90 मिनट के अपने संबोधन में जलवायु परिवर्तन, आर्थिक मंदी सहित विभिन्न वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘विश्वभर में भारत की चेतना के प्रति, भारत के सामर्थ्य के प्रति एक नया आकर्षण, एक नया विश्वास पैदा हुआ है। ये प्रकाशपुंज भारत से उठा है, जो विश्व अपने लिए ज्योति के रूप में देख रहा है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि आने वाले पांच साल में मोदी की गारंटी है, देश पहले तीन वैश्विक इकनॉमी में अपनी जगह ले लेगा, ये पक्‍का जगह ले लेगा। ’’
जी-20 की भारत की मेजबानी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा,‘‘आज जी-20 सम्मेलन की मेजबानी करने का भारत को अवसर मिला है। पिछले एक साल से देश के हर कोने में जिस प्रकार से जी-20 के अनेक आयोजन व कार्यक्रम हुए हैं, उसने देश के सामान्य लोगों के सामर्थ्य से दुनिया को ​परिचित करवाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत की विविधता को दुनिया अचंभे से देख रही है, जिस कारण भारत का आकर्षण बढ़ा है।

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