स्कूल के पास अवैध शराब बिक्री का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश — पुलिस-आबकारी की भूमिका पर सवाल

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। थरियांव थाना क्षेत्र के टेक्सारी बुजुर्ग गांव में स्कूल के समीप खुलेआम अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव निवासी शिव बाबू मौर्य पुत्र रामशरण मौर्य सुबह से शाम तक शराब बेचते हैं, जिससे स्कूली बच्चों, शिक्षकों और राहगीरों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि “स्कूल के बगल शराब बिकना बच्चों के भविष्य और गांव के माहौल के लिए खतरनाक है।” कई बार बच्चों और शिक्षकों को शराबियों से सामना करना पड़ा। यह कारोबार लंबे समय से चल रहा है, शिकायतें करने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि शराब ठेकों से लाकर महंगे दामों पर बेची जाती है। एक पौवा 110–120 रुपये में बेचा जा रहा है, जबकि तय रेट इससे कम है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मियों और सिपाहियों की मिलीभगत की चर्चा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। शिकायत करने पर जवाब मिलता है — “मामला संज्ञान में है, जांच चल रही है।” लेकिन जमीनी हालात जस के तस।
ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराई जाए। आरोप सही पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो। यदि लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई हो। ग्रामीणों का कहना: “कानून का असर जमीन पर दिखना चाहिए, सिर्फ कागजों में नहीं।”
आबकारी अधिकारी अशोक कुमार ने टेलीफोनिक वार्ता में कहा कि “मामला संज्ञान में लिया गया है। जांच कर कार्यवाही की जाएगी ताकि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियां न हों।”
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक कार्रवाई होती है या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।




