त्योहारों की सुरक्षा को लेकर डीसीपी राहुल अलवाल ने मीडिया से किया संवाद, पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवाल ने सीलमपुर स्थित डीसीपी कार्यालय में मीडिया कर्मियों के साथ बैठक की। इसमें आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा और पुलिस-मीडिया समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

अभय गंगवार/समाचार संपादक
दिल्ली ब्यूरो।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले में आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस एवं मीडिया के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीसीपी कार्यालय परिसर, सीलमपुर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर-पूर्वी जिला के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राहुल अलवाल, आईपीएस ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मीडिया कर्मियों ने भाग लिया। इस दौरान त्योहारों के मौसम में शांति, सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों की समस्याओं और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैयारियों को मजबूत करना रहा। डीसीपी राहुल अलवाल ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस की सक्रियता और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सभी नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस बल को सतर्क रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल को भी महत्वपूर्ण बताया गया। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि किसी भी क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिकों और मीडिया की भूमिका भी अहम होती है। सही और समय पर जानकारी का प्रसार, अफवाहों पर रोक तथा जनता में जागरूकता बढ़ाने से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। डीसीपी ने मीडिया कर्मियों से भी अपील की कि वे जनहित से जुड़े मुद्दों को जिम्मेदारी के साथ सामने लाते रहें और समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभाएं।
राहुल अलवाल की जिले में नियुक्ति के बाद से पुलिसिंग और जनसुनवाई व्यवस्था को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हो रही है। स्थानीय स्तर पर पुलिस और आम जनता के बीच संवाद बढ़ाने, शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस उपायुक्त की कार्यशैली में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और आम नागरिकों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को प्रमुखता दी जा रही है। उनके नेतृत्व में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी बैठक में चर्चा हुई। हालांकि अपराध के आंकड़ों और उनमें आई कमी का आधिकारिक विवरण संबंधित पुलिस आंकड़ों से ही स्पष्ट होगा।
कार्यक्रम के दौरान डीसीपी राहुल अलवाल ने जिले में कार्यरत मीडिया कर्मियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। वे जनता की समस्याओं को सामने लाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों और जनहित से जुड़े प्रयासों की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाते हैं। निष्पक्ष, जिम्मेदार और तथ्यपरक पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर डीसीपी ने उपस्थित मीडिया कर्मियों को उनके सराहनीय कार्यों और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले पत्रकारों ने इसे अपने कार्यों के प्रति प्रोत्साहन बताते हुए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया। डीसीपी राहुल अलवाल ने सभी पत्रकारों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए त्योहार को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े छोटे-बड़े समाचार माध्यमों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ पत्रकारों की उपस्थिति रही। बैठक का समापन पुलिस और मीडिया के बीच निरंतर संवाद तथा आपसी सहयोग बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ। इस पहल को त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पुलिस-जनता के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समाचार माध्यमों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे। बैठक में पुलिस प्रशासन और मीडिया के बीच नियमित संवाद बनाए रखने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर समन्वय के साथ काम करने पर सहमति व्यक्त की गई।




