54वीं बार खून से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उठाई बुंदेलखंड राज्य की मांग
पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने रविवार को खागा स्थित कार्यालय में काला दिवस मनाया। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ‘बुंदेलखंडी’ ने 54वीं बार अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अलग राज्य बनाने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहनकर और हाथों में काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया।

फतेहपुर,उत्तर प्रदेश। पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने रविवार को खागा स्थित कार्यालय में काला दिवस मनाया। इस दौरान समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ‘बुंदेलखंडी’ ने 54वीं बार अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अलग राज्य बनाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहनकर और हाथों में काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया।
प्रवीण पांडेय ने कहा कि 1 नवंबर 1956 को राज्यों के पुनर्गठन के दौरान ऐतिहासिक बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच बंट गया था। उनके अनुसार, इस विभाजन से क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और विकास प्रभावित हुआ। उन्होंने बेरोजगारी, पलायन, सिंचाई, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग राज्य बनने से इन मुद्दों के समाधान के लिए एकीकृत योजना बनाई जा सकेगी। उन्होंने नारा दिया, “सौ बीमारियों का एक इलाज—बुंदेलखंड राज्य।”
पांडेय ने कहा कि समिति हर वर्ष 1 नवंबर को काला दिवस मनाकर केंद्र सरकार का ध्यान इस मांग की ओर आकर्षित करती है। जब तक पृथक बुंदेलखंड राज्य का गठन नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने भी मांग को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रवक्ता देवव्रत त्रिपाठी, प्रदेश अध्यक्ष यज्ञेश गुप्ता, राम प्रसाद विश्वकर्मा, लालन सिंह, राम नारायण सिंह, धर्मेंद्र सिंह, शेर सिंह, रोशन सिंह, शैलेंद्र तिवारी, विपिन सिंह, सीताराम पासवान, उत्कर्ष त्रिवेदी सहित समिति के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। अंत में जय बुंदेलखंड के नारे लगाए गए और राष्ट्रगीत का गायन किया गया।




