फतेहपुर में मुत्तौर शराब ठेके पर ‘काले खेल’ का आरोप, डायलोशन से ओवररेटिंग तक के गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। जिले के ललौली थाना क्षेत्र के मुत्तौर-कोर्रा कनक मार्ग स्थित अंग्रेजी शराब का ठेका इन दिनों जिले में बड़े विवाद और गंभीर आरोपों के केंद्र में आ गया है। स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं के अनुसार यहां लंबे समय से शराब की बोतलों में कथित डायलोशन, क्वार्टर और हॉफ बोतलों के ढक्कन व बारकोड बदलने, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने और तय समय के बाद बिक्री जैसे गंभीर अनियमितताओं का खेल चल रहा है।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब हाल ही में सुबह के समय किए गए निरीक्षण में दुकान का मुख्य शटर बंद होने के बावजूद साइड दरवाजे से कथित रूप से शराब की बिक्री होती पाई गई। मौके पर मौजूद लोगों ने अधिक कीमत वसूले जाने और ब्रांडेड शराब की बोतलों में छेड़छाड़ जैसे आरोप लगाए, जिससे पूरे प्रकरण की गंभीरता और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही व्यवस्था का हिस्सा है, जिसमें कथित रूप से कुछ स्थानीय लोगों और दुकान से जुड़े कर्मचारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। कई बार शिकायतें और खबरें सामने आने के बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई का अभाव लोगों के बीच सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि संबंधित कंपनी जिले में कई शराब ठेके संचालित करती है, ऐसे में एक ठेके पर सामने आए आरोपों के बाद अन्य ठेकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं।
सबसे बड़ा सवाल आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि इतने गंभीर आरोप लंबे समय से सामने आ रहे थे तो नियमित निरीक्षण के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यह भी आरोप है कि जांच के नाम पर औपचारिकताएं पूरी कर केवल सेल्समैन बदलकर मामले को दबाने की कोशिश की गई।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यदि डायलोशन, बारकोड या ढक्कन बदलने जैसे आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन बल्कि उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और राजस्व से जुड़ा गंभीर अपराध है, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर आपराधिक कार्रवाई तक संभव है।
अब इस पूरे मामले में जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों की भूमिका पर निगाहें टिकी हैं। स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मुत्तौर का यह शराब ठेका जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और जनता को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई का इंतजार है।





