दो साल से मुख्य मार्ग पर भरा गंदा पानी, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें
धाता विकासखंड के बरहटा ग्रामसभा के चकिया मजरे में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से मुख्य मार्ग पर दो साल से घरों का गंदा पानी जमा है। इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर,उत्तर प्रदेश। धाता विकासखंड के बरहटा ग्रामसभा के चकिया मजरे में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के मुख्य मार्ग पर करीब दो वर्षों से घरों का गंदा पानी जमा है। इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों के मुताबिक, चकिया से बरहटा जाने वाले मुख्य मार्ग पर जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में घरों से निकलने वाला गंदा पानी रास्ते में ही जमा रहता है। सड़क पर पानी भरा होने के कारण लोगों को संभलकर निकलना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। कई बार बच्चे रास्ते में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। बुजुर्गों और अन्य राहगीरों के लिए भी इस मार्ग से गुजरना मुश्किल बना हुआ है।
ग्रामीण कल्याण सिंह, रामू साहू, रमेश और डॉ. हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि बरहटा ग्रामसभा की आबादी करीब एक हजार है। मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण ग्रामीणों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त होने से लोगों को राहत मिल सकती है और बच्चों को स्कूल आने-जाने में होने वाली दिक्कत भी दूर हो सकती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत से समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है, ताकि मुख्य मार्ग पर जमा गंदे पानी से लोगों को निजात मिल सके।
इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था के लिए अनुमानित लागत का प्राक्कलन तैयार कर जिले में भेज दिया गया है। अब प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई और काम शुरू होने का इंतजार है।




