सेवा संकल्प अभियान के पहले दिन ही अव्यवस्था, कई विभागों के अधिकारी नदारद; लाभ लिए बिना लौटे नगरवासी

खखरेरू नगर पंचायत कार्यालय में मंगलवार को शुरू हुए तीन दिवसीय सेवा संकल्प अभियान के पहले दिन कई विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे। स्वास्थ्य और कृषि विभाग सहित कुछ विभागों के प्रतिनिधि ही शिविर में पहुंचे, जबकि अन्य विभागों के अधिकारियों के न आने से योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे नगरवासियों को निराश लौटना पड़ा।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला

फतेहपुर,उत्तर प्रदेश। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत ही अव्यवस्थाओं के बीच हुई। मंगलवार को खखरेरू नगर पंचायत कार्यालय के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय शिविर के पहले दिन स्वास्थ्य और कृषि विभाग को छोड़कर कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे अनेक नगरवासियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इससे अभियान के उद्देश्य और विभागीय तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले की सभी निकायों में अलग-अलग तिथियों पर शिविर लगाकर पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है। इसके लिए संबंधित विभागों को अपने प्रतिनिधियों के साथ शिविर में उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुनने और योजनाओं से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन खखरेरू नगर पंचायत में पहले ही दिन कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित रहे, जिससे शिविर की व्यवस्था प्रभावित हुई।
जानकारी के अनुसार, सुबह से ही नगरवासी विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने और अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचने लगे थे। हालांकि, संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण उनके काम नहीं हो सके। नगर पंचायत अध्यक्ष ज्ञान चंद्र केसरवानी ने जब इस संबंध में अधिकारियों से फोन पर शिकायत की, तब समाज कल्याण विभाग के अधिकारी शिविर में पहुंचे।
पहले दिन शिविर में स्वास्थ्य विभाग से खखरेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक राजू राव, कृषि विभाग से बीटीएम विवेक सिंह और टीएसी कमल कुमार मौजूद रहे। समाज कल्याण विभाग से एडीओ कुंवर सिंह तथा खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से नगर के दो कोटेदार शिविर में उपस्थित पाए गए। अन्य संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति से लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
शिविर में पहुंचे नगरवासी मुन्ना खान, दुर्गा दत्त बाजपेई, राकेश कुमार, नरेश रैदास और सुमन देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब संबंधित विभागों के अधिकारी ही मौजूद नहीं हैं तो ऐसे शिविर लगाने का क्या औचित्य है। उनका कहना था कि लोग अपना समय निकालकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की उम्मीद में पहुंचे थे, लेकिन आवश्यक अधिकारी नहीं मिलने से उनके काम नहीं हो सके।
नगरवासियों ने आरोप लगाया कि शिविर की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। पहले दिन की स्थिति को देखते हुए लोगों ने मांग की कि शेष दिनों में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि किसी को बिना काम कराए वापस न लौटना पड़े।
इस संबंध में खागा के उपजिलाधिकारी अश्वनी पांडेय ने बताया कि सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की लापरवाही की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रशासन के निर्देशों के बाद शिविर के अगले दिनों में व्यवस्था कितनी सुधरती है और पात्र नगरवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाता है या नहीं।

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