मुश्किलों से जूझती नन्ही की हिम्मत के साथ खड़ी हुई इंसानियत, गांधी नगर के व्यापारियों और दिल्ली पुलिस ने लौटाया खोया सामान
एटा की नन्ही गांधी नगर मार्केट में खरीदारी के दौरान अपना सामान भूल गई थीं। पुलिस और स्थानीय व्यापारियों की मदद से अगले दिन सामान सुरक्षित मिल गया। व्यापारियों ने अतिरिक्त सामान भेंट कर उनकी बेटी की शादी के लिए भी सहयोग किया और पुलिस ने उन्हें सुरक्षित घर रवाना किया।

नई दिल्ली। घरेलू परिस्थितियों की चुनौतियों के बावजूद अपने बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी संभालने तथा आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही एटा के डुमरी निवासी नन्ही के लिए दिल्ली के गांधी नगर स्थित सुभाष रोड मार्केट में इंसानियत की मिसाल देखने को मिली। खरीदारी के दौरान सामान खो जाने के बाद परेशान नन्ही की मदद के लिए स्थानीय व्यापारी, पुलिस और अन्य लोग आगे आए। करीब दो दिन की तलाश के बाद उनका बैग और खरीदा हुआ सामान सुरक्षित मिल गया। इसके बाद व्यापारियों ने अतिरिक्त सामान भेंट कर उन्हें सम्मानपूर्वक उनके घर वापस भेजने में भी सहयोग किया।
जानकारी के अनुसार, नन्ही पारिवारिक परेशानियों के बीच अपने बच्चों की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कुछ सामान खरीदने दिल्ली आई थीं। उनके पास अपना मकान या आय का स्थायी साधन नहीं है। पड़ोस से उधार लेकर वह गांधी नगर के सुभाष रोड मार्केट पहुंचीं। सुबह करीब सात बजे बाजार पूरी तरह खुला नहीं था। उन्होंने अलग-अलग दुकानों से खरीदारी की और एक दुकान पर अपना सामान रख दिया, ताकि आगे की खरीदारी पूरी करने के बाद सभी सामान एक साथ ले जा सकें।
बाजार खुलने के बाद जब नन्ही वापस सामान लेने पहुंचीं तो उन्हें वह दुकान याद नहीं रही, जहां उन्होंने सामान रखा था। अनजान शहर में पैसे और सामान दोनों को लेकर परेशान नन्ही पूरी मार्केट में अपने सामान की तलाश करती रहीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात मनोज उपाध्याय, संजय शर्मा और प्रशांत तिवारी से हुई। उन्होंने नन्ही की परेशानी समझकर मदद का प्रयास शुरू किया। स्थानीय पुलिस से भी संपर्क किया गया, लेकिन पहले दिन सामान का पता नहीं चल सका। रात में ठहरने की व्यवस्था भी स्थानीय लोगों की मदद से की गई।
मामले की जानकारी प्रशांत तिवारी ने एटा से भाजपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राजवीर सिंह को दी। उन्होंने भी नन्ही की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया और लोगों की इस पहल की सराहना की। वहीं गांधी नगर थाना एसएचओ राज कुमार और उनकी टीम ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश में सहयोग किया। पुलिस टीम के विकास यादव, वीरेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने भी नन्ही की मदद के प्रयास जारी रखे।
अगली सुबह करीब सात बजे नन्ही को दोबारा उन गलियों और दुकानों में ले जाया गया, जहां उन्होंने पहले दिन खरीदारी की थी। तलाश के दौरान आखिरकार उनका बैग और खरीदा हुआ सामान मिल गया। बताया गया कि जिस दुकानदार के पास सामान रह गया था, उसने उसे सुरक्षित रख लिया था और नन्ही के लौटने का इंतजार कर रहा था।
इसके बाद गांधी नगर के व्यापारियों मनोज उपाध्याय, संजय शर्मा, प्रशांत गोयल, गोविंद सिंघल, दीपक गुप्ता, अंकुर छतवाल, अंकित गुप्ता, ओम प्रकाश और संजय सक्सेना समेत अन्य लोगों ने प्रशांत तिवारी की अगुवाई में नन्ही को उसके सामान के अलावा कुछ अतिरिक्त सामान भी भेंट किया। बताया गया कि करीब दो महीने बाद नन्ही की बेटी की शादी है और इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों ने अपनी ओर से सहयोग किया।
दो दिनों तक दिल्ली में परेशान रहने के बाद नन्ही को गांधी नगर थाना एसएचओ राज कुमार और उनकी टीम ने सुरक्षित रूप से उनके घर लौटने के लिए बस में बैठाया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी उनका सहयोग किया।
नन्ही की यह घटना केवल खोए हुए सामान के मिलने तक सीमित नहीं रही, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में एक महिला के हौसले और समाज के विभिन्न वर्गों की मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बन गई। स्थानीय व्यापारियों और पुलिस की मदद से नन्ही को न केवल उनका सामान वापस मिला, बल्कि उन्हें घर लौटने के लिए भी सहयोग मिला। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कठिन समय में लोगों का सहयोग किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी ताकत बन सकता है।




