ग्रेटर नोएडा की ला रेजिडेंशिया सोसायटी में दहशत का कारण बने सात उल्लू सुरक्षित पकड़े गए
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 'ला रेजिडेंशिया' सोसायटी में लोगों पर हमला कर रहे सात उल्लुओं को वन विभाग ने रेस्क्यू किया। इस अभियान में दो वयस्क और पांच चूजे शामिल थे, जिन्हें अब सूरजपुर पक्षी विहार में छोड़ा जाएगा।

ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित ला रेजिडेंशिया सोसायटी में पिछले एक सप्ताह से लोगों पर कथित रूप से हमला कर दहशत का माहौल पैदा कर रहे उल्लुओं से आखिरकार निवासियों को राहत मिल गई। वन विभाग की टीम ने सोमवार शाम सोसायटी परिसर में विशेष बचाव अभियान चलाकर सात उल्लुओं को सुरक्षित पकड़ लिया। इनमें दो वयस्क उल्लू और पांच चूजे शामिल हैं। वन विभाग के अनुसार, सभी उल्लुओं को सूरजपुर स्थित पक्षी विहार में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।
सोसायटी निवासी सुमिल जलोटा के अनुसार, पिछले करीब एक सप्ताह से रात के समय सैर के लिए निकलने वाले लोगों पर उल्लू अचानक झपट्टा मार रहे थे। ऊंचाई से उड़कर आने वाले उल्लू लोगों के सिर पर चोंच मारकर उन्हें घायल कर रहे थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल बन गया था और कई लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से बच रहे थे।
मामले की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को वन विभाग की टीम ने सोसायटी का निरीक्षण किया। संभावित ठिकानों की पहचान के लिए विशेषज्ञों की सहायता ली गई और दिन-रात निगरानी की गई। वन विभाग के कर्मचारियों राम अवतार और राहुल के साथ वन्यजीव बचावकर्ता आशीष टाक तथा डॉ. विनीत अरोड़ा ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सोमवार शाम टीम ने चिह्नित स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद सातों उल्लुओं को सुरक्षित पकड़ लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, सभी उल्लुओं को आवश्यक सुरक्षा के साथ सूरजपुर स्थित पक्षी विहार ले जाकर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा।
उल्लुओं के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद सोसायटी के निवासियों ने राहत की सांस ली और वन विभाग तथा बचाव दल का आभार जताया। वन विभाग ने लोगों को एहतियात के तौर पर कुछ दिनों तक सावधानी बरतने, अंधेरे स्थानों पर जाने से बचने और रात में बाहर निकलते समय सिर ढककर रखने की सलाह दी है। इससे बच्चों और बुजुर्गों के साथ अन्य निवासियों को भी किसी संभावित घटना से बचाया जा सकेगा।




