नंदकिशोर गुर्जर के कथित गाली-गलौज वाले वीडियो पर विवाद बढ़ा, टीला गांव में होगी महापंचायत
गाजियाबाद के लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के गाली-गलौज वाले वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया है। विरोध में ईश्वर मावी के समर्थन में मंगलवार को टीला गांव में महापंचायत बुलाई गई है।

गाजियाबाद। लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के कथित गाली-गलौज वाले वीडियो को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विधायक के विरोध में मंगलवार को टीला गांव में महापंचायत बुलाई गई है। महापंचायत का आयोजन ईश्वर मावी के समर्थन में किया जा रहा है। मावी के मुताबिक, पंचायत में गांव, समाज और क्षेत्र के लोग एकत्र होकर पूरे मामले पर चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
महापंचायत के ऐलान के बाद लोनी बॉर्डर पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिसकर्मी जानकारी लेने के लिए ईश्वर मावी के आवास पर पहुंचे। हालांकि, मावी का कहना है कि पुलिस के उनके घर पहुंचने का कारण उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर के कथित बयान पर नाराजगी जताते हुए ईश्वर मावी ने कहा कि यह केवल अभद्र भाषा का मामला नहीं है। उनका आरोप है कि सार्वजनिक तौर पर उनकी मां और बहनों को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। मावी ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग पूरे घटनाक्रम को देख रहे हैं और विधायक ने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किस वजह से किया, इसका जवाब वही दे सकते हैं।
मावी ने दावा किया कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में कभी किसी के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और हमेशा समाज के लोगों के साथ खड़े रहे हैं। उनके मुताबिक, विधायक के कथित बयान से केवल वह ही नहीं, बल्कि क्षेत्र और समाज के कई लोगों में भी नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि समाज के लोग जब उन्हें बुलाते हैं तो वह सम्मान के साथ उनके बीच खड़े होते हैं। ऐसे में सार्वजनिक रूप से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उनके लिए अप्रत्याशित है। इसी नाराजगी के बीच मंगलवार को टीला गांव में महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
ईश्वर मावी के अनुसार, महापंचायत में गांव, क्षेत्र और समाज के लोग एक साथ बैठकर पूरे मामले पर विचार करेंगे। इसके बाद आगे क्या कदम उठाया जाए, इसका सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह अकेले कोई फैसला लेने के बजाय पंचायत में मौजूद लोगों की राय के आधार पर आगे की दिशा तय करेंगे।
मावी ने प्रेस वार्ता नहीं होने देने और पुलिसकर्मियों के उनके आवास पर पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे और स्थिति पर नजर रख रहे थे, लेकिन उनके आने का कारण उन्हें नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को महापंचायत आयोजित हो पाएगी या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा।
मावी ने कहा कि गांव, क्षेत्र और समाज के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। उधर, कथित वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ विवाद महापंचायत के ऐलान से और गरमा गया है। एक ओर विधायक के कथित बयान को लेकर विरोध जताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पंचायत में आगे की रणनीति तय करने की बात कही जा रही है। पुलिस की सक्रियता के बीच अब सभी की नजरें टीला गांव में होने वाली महापंचायत पर टिकी हैं।




