श्मशान घाट में जलती चिता से मांस निकालकर खाने वाली किन्नर अघोरी काली गिरफ्तार
उज्जैन में जलती चिता से मांस निकालकर खाने वाली किन्नर अघोरी काली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही जीवाजीगंज थाने में उसे जांच के लिए लेकर पहुंची है। अमानवीय कृत्य का वीडियो वायरल होने के बाद उज्जैन में संत समाज भी नाराज था।

उज्जैन/मध्य प्रदेश। चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता के साथ कथित तौर पर अमानवीय कृत्य करने और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में उज्जैन पुलिस ने किन्नर अघोरी काली उर्फ नंदीगिरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा इंस्टाग्राम पर वीडियो प्रसारित कर आलोचना करने वालों को धमकी देने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 30 अगस्त को काल भैरव घाट निवासी विष्णुनाथ ने जीवाजीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि काली उर्फ नंदीगिरी ने जलते शव के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करते हुए उसका वीडियो बनाया और उसे अपने इंस्टाग्राम खाते पर अपलोड कर दिया। शिकायतकर्ता ने इस कृत्य से मानव शव की अवहेलना होने और धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही थी। शिकायत के साथ कथित वीडियो भी पुलिस को सौंपा गया।
शिकायत मिलने के बाद जीवाजीगंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी काली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे थाने लेकर पहुंची, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 301 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस वीडियो की सत्यता, उसके प्रसारित होने और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से वीडियो उपलब्ध कराया गया है, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में चिता पर जल रहे शव के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करते हुए उसका अंश खाने का कृत्य दिखाई देने की बात शिकायत में कही गई है। शिकायत के आधार पर काली उर्फ नंदीगिरी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी स्वयं को श्मशानवासी बताती थी। घटना से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उसकी काफी आलोचना हुई। संत समाज के लोगों ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई। इसके बाद आरोपी की ओर से एक और वीडियो प्रसारित किए जाने की बात सामने आई, जिसमें आलोचना करने वाले लोगों को धमकी दी गई थी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो तथा आरोपी की ओर से दिए गए बयानों सहित अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है। प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




