संगीत सोम ने बताई PDA की नई परिभाषा- P से पापी, D से डकैत, A से अपराधी, अखिलेश यादव अपराधियों के अब्बा
पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पीडीए की नई परिभाषा दी। पी से पापी, डी से डकैत और ए से अपराधी बताया।

मेरठ/उत्तर प्रदेश। भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने सोमवार को मेरठ स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला बोला। शामली के अंकित चौहान हत्याकांड के आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए सोम ने कहा कि सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का काम किया है। उन्होंने पीडीए की अपनी अलग व्याख्या करते हुए इसे पापी, डकैत और अपराधी बताया तथा अखिलेश यादव पर अपराधियों का समर्थन करने का आरोप लगाया।
संगीत सोम ने कहा कि वह रविवार को शामली में अंकित चौहान के परिजनों से मिले थे और परिवार को भरोसा दिलाया था कि सरकार उनके साथ है तथा उन्हें न्याय मिलेगा। उनके मुताबिक, इसके अगले ही दिन पुलिस मुठभेड़ में हत्याकांड के आरोपी मारे गए। इस कार्रवाई के दौरान बदमाशों की गोली से दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आई है। सोम ने कहा कि मुठभेड़ के बाद अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से परेशान हैं और उत्तर प्रदेश में जातीय आधार पर पुलिस तथा समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव के विशेष कार्यबल को लेकर दिए गए बयान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस बल को किसी जाति के चश्मे से देखना उचित नहीं है।
संगीत सोम ने सपा शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अपने कार्यकाल को भी याद करना चाहिए, जब पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की हत्याएं हुई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय मारे गए पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को कितना न्याय मिला। सोम ने कहा कि मौजूदा सरकार ने अंकित चौहान हत्याकांड में तेजी से कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सोम के मुताबिक, अपराधियों को बचाने के लिए कोई भी कितनी भी राजनीतिक ताकत लगा ले, सरकार अपराध के खिलाफ पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी का नाम लेते हुए भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व ने अलग-अलग समय पर गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित रहे लोगों के प्रति नरम रुख अपनाया।
जातिवाद के मुद्दे पर भी संगीत सोम ने अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने यादव परिवार के कई सदस्यों के सांसद होने का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि एक ही परिवार के कई लोगों को राजनीतिक पद मिलने के बावजूद पीडीए के नाम पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को जातिवाद की बात करने से पहले अपने राजनीतिक परिवार की स्थिति पर विचार करना चाहिए।
सोम ने अखिलेश यादव के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें सरकार बनने पर पुराने मामलों की जांच कराने की बात कही जाती है। उन्होंने मुजफ्फरनगर के गौरव-सचिन हत्याकांड और मथुरा में पुलिस अधिकारियों की हत्या का जिक्र करते हुए सवाल किया कि पिछली सरकार के दौरान इन मामलों में पीड़ित परिवारों को कितना न्याय मिला।
संगीत सोम ने तंज कसते हुए कहा कि अपराधी अब अखिलेश यादव से उन्हें बचाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन वह उन्हें बचाने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
सनातन धर्म को लेकर भी सोम ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लगातार सनातन धर्म को निशाना बनाते हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर की गई उनकी हालिया टिप्पणी को पूरे सनातन समाज का अपमान बताया। सोम ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों को सनातनी समाज स्वीकार नहीं करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में संगीत सोम ने चवन्नी वाले बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन्हें अखिलेश यादव ने चवन्नी बताया था, वही लोग आने वाले समय में उन्हें इकन्नी बनाने का काम करेंगे।




