नोएडा में अजब हाल, ऊपर चाइल्ड प्रोटेक्शन होम, नीचे चल रही शराब की दुकान

नोएडा के सेक्टर-80 में एक बाल संप्रेषण गृह के ठीक नीचे शराब की दुकान संचालित हो रही है, जिस पर किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट ने जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है।

नोएडा। शहर में आबकारी नीति के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में कम दूरी पर शराब की दुकानों के संचालन के बीच सेक्टर-80 स्थित बाल संप्रेषण गृह (किशोर) के नीचे संचालित शराब की दुकान को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। फेज-2 क्षेत्र में स्थित इस बाल संप्रेषण गृह की पहली मंजिल पर किशोरों को रखा गया है, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर शराब की दुकान संचालित हो रही है। इस स्थिति को लेकर किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार-4 ने जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को पत्र लिखकर दुकान हटाने की मांग की है। शिकायत की प्रति लखनऊ हाईकोर्ट बेंच की किशोर न्याय समिति और जिला आबकारी अधिकारी को भी भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार, इस बाल संप्रेषण गृह में गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और सहारनपुर से जुड़े मामलों में शामिल 102 किशोर वर्तमान में रह रहे हैं। ऐसे में भवन के नीचे शराब की दुकान का संचालन उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
प्रधान मजिस्ट्रेट ने अपने पत्र में कहा है कि यह स्थिति किशोर न्याय अधिनियम-2015 के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने धारा 77 का हवाला देते हुए बताया कि बच्चों को शराब या नशीले पदार्थ उपलब्ध कराना दंडनीय अपराध है। साथ ही मॉडल रूल्स-2016 के नियम 58(10) के अनुसार बच्चों के निवास स्थान के 200 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश एक्साइज शॉप रूल्स-1968 के नियम 5(4) का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि स्कूल, अस्पताल, पूजा स्थल या आवासीय क्षेत्रों के समीप नई शराब दुकान खोलने पर रोक है। बोर्ड ने जिला प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और इसे जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में इस पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित दुकान एक वाणिज्यिक परिसर में पूर्व से संचालित है और बाल संप्रेषण गृह का प्रवेश मार्ग अलग है।

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