मासूम बच्ची हत्याकांड में लापरवाही पर पुलिस कमिश्नरेट का एक्शन, नंदग्राम थाना एसएचओ लाइन हाजिर, पांच कर्मी निलंबित
राजनगर एक्सटेंशन में बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में नंदग्राम और भोजपुर थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर किया गया, जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित एवं लाइन हाजिर किया

गाजियाबाद ब्यूरो। राजनगर एक्सटेंशन में सात वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की दिल दहला देने वाली घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने मामले में पुलिसिंग के स्तर पर गंभीर लापरवाही पाए जाने पर नंदग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही भोजपुर थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित और लाइन हाजिर किया गया है।
पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार नंदग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह पर संवेदनशील मामले में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। साथ ही पीड़ितों की शिकायतों और मुकदमों के पंजीकरण में अनावश्यक देरी तथा गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने उन्हें लाइन हाजिर करने का आदेश दिया।
इसी क्रम में भोजपुर थाना क्षेत्र के चुड़ियाला गांव में मारपीट के बाद एक युवक की मौत के मामले में भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे। जांच में लापरवाही पाए जाने पर भोजपुर थाना प्रभारी प्रताप बालियान को भी तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पीड़ितों की शिकायतों का समय पर निस्तारण करने और संवेदनशील मामलों में तत्परता बरतने में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा कमिश्नरेट की फीडबैक सेल को प्राप्त शिकायतों के आधार पर पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है। 15 जुलाई को मिली शिकायतों के आधार पर थाना कौशांबी में तैनात मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार और थाना शालीमार गार्डन में तैनात मुख्य आरक्षी मकसूद खान को निलंबित किया गया है। वहीं नंदग्राम थाने के उपनिरीक्षक प्रभाकर सिंह और इंदिरापुरम थाने के उपनिरीक्षक सुखवीर सिंह को भी सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा एसीपी नंदग्राम कार्यालय में तैनात मुख्य आरक्षी मोहम्मद आदिल को लाइन हाजिर किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है और प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आगे भी लापरवाह और अनुशासनहीन कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।




