अश्लील फोटो से ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, अखबार के संपादक और महिला समेत तीन गिरफ्तार

जालना/महाराष्ट्र। चंदनझिरा पुलिस ने अश्लील फोटो के जरिए ब्लैकमेल कर नकदी और सोने के आभूषण वसूलने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में खुद को ‘रीलस्टार’ बताने वाली एक महिला, एक समाचार पत्र का संपादक और विधि की पढ़ाई कर रहा एक छात्र शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, सोने की अंगूठियां, मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलों सहित कुल 3 लाख 14 हजार रुपये का मुद्देमाल बरामद किया है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 17 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, जालना शहर के नवीन मोंढा क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति की मुख्य महिला आरोपी से कुछ समय पहले पहचान हुई थी। महिला ने मकान दिखाने का बहाना बनाकर पीड़ित को अपने घर बुलाया, जहां पहले से मौजूद उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट कर अश्लील फोटो खींच लिए। इसके बाद फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित से 75 हजार रुपये नकद और करीब दो तोले वजन की तीन सोने की अंगूठियां वसूल ली गईं। आरोपियों ने पीड़ित के वाहन को भी नुकसान पहुंचाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक तेगबीर सिंह संधू और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम साळी के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक बालासाहेब पवार ने जांच शुरू कराई। पुलिस उपनिरीक्षक नीता दामधर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर 14 जुलाई को मुख्य महिला आरोपी शुभांगी हिवाळे को मंठा रोड क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने राम राजू पाटोळे (आर.आर.) और अनिकेत प्रशांत कसबे को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि राम पाटोळे एक समाचार पत्र का संपादक है, जबकि अनिकेत कसबे विधि का छात्र है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित की दो सोने की अंगूठियां, वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिलें और नकद राशि बरामद कर कुल 3 लाख 14 हजार रुपये का मुद्देमाल जब्त किया है।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना 2 जून 2026 को हुई थी, लेकिन बदनामी के डर से पीड़ित ने तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई। बाद में पुलिस द्वारा लोगों से आगे आकर शिकायत करने की अपील के बाद पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर संपर्क किया। पुलिस निरीक्षक बालासाहेब पवार द्वारा भरोसा दिलाने और कानूनी मार्गदर्शन देने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर इस ब्लैकमेलर गिरोह का भंडाफोड़ हो सका।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक तेगबीर सिंह संधू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम साळी तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक बालासाहेब पवार, पुलिस उपनिरीक्षक नीता दामधर सहित पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।

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