मुंबई में बारिश बनी जानलेवा, जर्जर इमारत गिरने से महिला समेत पांच लोगों की मौत
बारिश में इमारत गिरने के डर से लोगों ने घर खाली करना शुरू कर दिया था। अख्तर जहां भी जाने के लिए सामान पैक कर रही थीं, तभी हादसा हो गया।

कांती जाधव/महाराष्ट्र स्टेट हेड
मुंबई ब्यूरो। महानगर में लगातार हो रही भारी बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। मानखुर्द के मंडला इलाके स्थित जनता नगर में शनिवार रात एक जर्जर इमारत गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक महिला समेत कई लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अख्तर जहां शामिल हैं, जो एक मजदूर की पत्नी और चार बच्चों की मां थीं। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले ही खतरे का अंदेशा हो गया था। उनके टिन-शेड वाले घर के बगल में स्थित इमारत की हालत खराब थी और उसके गिरने के संकेत साफ दिखाई दे रहे थे। अख्तर जहां और उनके पति मोइनुद्दीन वादिज अली शाह ने रविवार को घर बदलने की योजना बनाई थी, लेकिन शनिवार रात ही हादसा हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण इमारत में दरारें आ गई थीं, टाइलें गिरने लगी थीं और पूरी इमारत झुक गई थी। खतरे को भांपते हुए उसमें रहने वाले कई परिवारों ने घर खाली करना शुरू कर दिया था। अख्तर जहां भी अपना सामान समेट रही थीं, तभी अचानक इमारत भरभराकर गिर गई और पास के घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के समय मोइनुद्दीन घर से कुछ देर पहले बाहर निकल गए थे, जिससे उनकी जान बच गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने परिवार को अगले दिन घर बदलने की बात कही थी, लेकिन उनके निकलते ही हादसा हो गया और परिवार के सदस्य मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरी हुई इमारत के मालिक और निर्माण से जुड़े ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या का आरोप भी शामिल है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इमारत अवैध रूप से बनाई गई थी और क्या निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, गिरी हुई इमारत अवैध थी। घटना के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, नगर निगम और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमों ने रात भर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। मलबे में दबे लोगों को निकालने और शवों को बाहर निकालने का कार्य जारी रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे में मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। यह हादसा एक बार फिर शहर में जर्जर और अवैध इमारतों के खतरे को उजागर करता है, जिस पर समय रहते कार्रवाई की आवश्यकता है।




