फर्जी बाबाओं और महंतो का बढ़ता जाल: कानपुर में ‘बोतल बाबा’ गिरफ्तार, इलाज के बहाने महिला से छेड़छाड़ का आरोप
कानपुर देहात की एक महिला ने बोतल बाबा पर झाड़ फूंक के बहाने छेड़खानी का आरोप लगाया है।

कानपुर/उत्तर प्रदेश। देशभर में कथित फर्जी बाबाओं, संतों और महंतों की बढ़ती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। आस्था के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर लोगों का शोषण करने के कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ‘बोतल बाबा’ के नाम से चर्चित एक कथित बाबा को महिला से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, देवराहट क्षेत्र में इलाज के नाम पर महिलाओं से अभद्रता करने के आरोप में हरिओम यादव उर्फ ‘बोतल बाबा’ को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी बाबा बोतल में भरे पानी में फूंक मारकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने का दावा करता था। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद ने बताया कि आरोपी ने अनुष्ठान और झाड़-फूंक के नाम पर महिला के साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया। मामले में उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, देवराहट के चैन का पुरवा गांव में हरिओम यादव का आश्रम स्थित है, जहां वह ‘हरिधाम सरकार’ के नाम से जाना जाता था। हर गुरुवार और रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उसके आश्रम में पहुंचते थे, जो लगभग 8-10 बीघे क्षेत्र में फैला हुआ है।
पीड़ित महिला, जो औरैया की रहने वाली है, ने बताया कि उसके पति राजस्थान में काम करते हैं। जून के पहले सप्ताह में उसके देवरों ने उसे बताया कि ‘हरिधाम सरकार’ उनके घर आ रहे हैं। इसके बाद बाबा ने महिला के ससुराल में हवन कर उसे ‘काला साया’ होने की बात कही और उसे हटाने के लिए विशेष अनुष्ठान की सलाह दी।
महिला के मुताबिक, 15 जून को वह अपने देवरों के साथ आश्रम पहुंची, जहां बाबा उसे एक कमरे में ले गया और झाड़-फूंक के दौरान उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। शोर मचाने पर किसी तरह वह बच सकी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि झाड़-फूंक के नाम पर उससे करीब 40 हजार रुपये भी ऐंठ लिए गए। इसके अलावा आरोपी ने उसे फिर से विशेष अनुष्ठान के लिए बुलाने की कोशिश की।
पुलिस ने मामले में हरिओम यादव के भतीजे दीपक को भी गिरफ्तार किया है। एफआईआर में पीड़िता के देवरों को भी नामजद किया गया है। मामले की जांच जारी है। वहीं, आरोपी बाबा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है। उसका कहना है कि उस पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और सत्य की जीत होगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी तरह के अंधविश्वास या चमत्कारिक इलाज के दावों पर विश्वास करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।




