पूजा कर रहे पुजारी के गले में डाला फंदा,पुरानी समिति ने बूढ़े बालाजी मंदिर में जड़ा ताला

मध्यप्रदेश के गुना में अति प्राचीन बूढ़े बालाजी मंदिर के गर्भगृह में पूजा कर रहे नवनियुक्त पुजारी को पुरानी समिति के लोगों ने गले में फंदा डालकर बेरहमी से घसीटा। करोड़ों के वित्तीय घोटाले और तानाशाही से जुड़े इस पूरे विवाद के बाद गुना में भारी उबाल है।

गुना/मध्यप्रदेश। गुना शहर में धार्मिक आस्था के सबसे बड़े केंद्र बूढ़े बालाजी मंदिर परिसर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान की पूजा-आरती करने पहुंचे नवनियुक्त पुजारी सुरेश शर्मा के साथ पुरानी समिति के पूर्व पदाधिकारियों ने तालिबानी क्रूरता की। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ दबंग लोग भगवान की भक्ति में लीन पुजारी के गले में गमछे का फंदा डालकर उन्हें बेरहमी से घसीटते हुए मंदिर से बाहर ले जा रहे हैं। इस दौरान पीड़ित पुजारी हमलावरों के आगे हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते रहे। इस अमानवीय कृत्य के बाद पूरे गुना की धर्मप्राण जनता में भारी आक्रोश है।
कलेक्ट्रेट और एसपी दफ्तर पहुंचे नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश बंसल और सचिव रामकृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 को सर्वसम्मति से नई समिति का गठन हुआ था। नई कमेटी ने 24 मई को सुरेश शर्मा को आधिकारिक तौर पर मुख्य पुजारी नियुक्त किया था। लेकिन जब वे रविवार को पूजा करने पहुंचे, तो पुरानी समिति के पूर्व अध्यक्ष गजानंद अवस्थी, उनके बेटों, पोतों और पुराने पुजारी ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। गुंडागर्दी यहीं नहीं रुकी, आरोपी मंदिर के कपाट बंद कर चाबियां अपने घर ले गए, जिससे रविवार रात श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह गए।
इस पूरे बवाल के पीछे मंदिर ट्रस्ट पर सालों से काबिज रहे पूर्व पदाधिकारियों की तानाशाही और वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। नई समिति के मुताबिक, पूर्व समिति ने साल 2015-16 से लेकर 2025-26 तक के पिछले दस सालों का कोई आय-व्यय का ब्यौरा नहीं दिया है। मंदिर ट्रस्ट की कुल 18 दुकानों में से कीमती दुकानें मनमाने तरीके से अपने रिश्तेदारों और पौत्रों को रेवड़ियों की तरह बांट दी गईं।
इसके अलावा मानस भवन की लाखों रुपये की आमदनी और परिसर के हरे-भरे पेड़ों को अवैध रूप से काटकर बेचने के गंभीर आरोप भी पूर्व अध्यक्ष पर लगे हैं, जिसकी जांच एसडीएम कार्यालय में लंबित है। नई समिति ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो सकल समाज उग्र आंदोलन करेगा।

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