मुंबई में बुलडोजर एक्शन के दौरान भड़की हिंसा, 600 करोड़ की जमीन, 500 झुग्गियां और ईद का त्योहार

मुंबई के बांद्रा स्थित गरीब नगर में पश्चिमी रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हिंसा भड़क गई। पथराव और लाठीचार्ज में 7 पुलिसकर्मियों समेत 13 लोग घायल हो गए।

मुंबई/एजेंसी। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा हरी झंडी के बाद मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास गरीब नगर में पश्चिमी रेलवे द्वारा अब तक का सबसे बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया है। मंगलवार को शुरू हुआ यह अतिक्रमण विरोधथी अभियान बुधवार को हिंसा के बीच भी जारी रहा। अतिक्रमण हटाने का अभियान भारी सुरक्षा तैनाती के साथ शुरू हुआ है। अधिकारियों ने इलाके में लगभग 400 पुलिसकर्मी, 400 जीआरपी और आरपीएफ कर्मी और लगभग 200 रेलवे अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए, गरीब नगर में प्रवेश करने वाले कई रास्तों को सील कर दिया गया। अतिक्रमण हटाने के दूसरे दिन यानी बुधवार को भारी हिंसा भड़क उठी। बांद्रा ईस्ट स्काईवॉक के पास एक अवैध धार्मिक स्थल को गिराए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज किया। इस झड़प में 7 पुलिसकर्मियों सहित 13 लोग घायल हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने विध्वंस दल पर पत्थर, बर्तन और अन्य वस्तुएं फेंकीं, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस घटना में सात पुलिसकर्मी और छह प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जबकि 10 लोगों को हिरासत में लिया गया। दंगा और सरकारी अधिकारियों पर हमले के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अभिनव देशमुख ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
600 करोड़ रुपये जमीन की अनुमानित लागत
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 5,200 वर्ग मीटर रेलवे भूमि को खाली कराने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 600 करोड़ रुपये है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अतिक्रमण रेलवे अवसंरचना के खतरनाक रूप से करीब तक फैल गई है, जिसमें हार्बर लाइन की पटरियां और ओवरहेड इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट (ओएचई) के खंभे शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई बहुमंजिला झुग्गी-झोपड़ी संरचनाएं पास के पैदल पुलों की ऊंचाई से भी ऊपर उठ गई हैं, जिससे ट्रेन संचालन और भविष्य में रेलवे विस्तार के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह विध्वंस कार्रवाई सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत 2017 से पहले शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया और 27 नवंबर 2017 को जारी बेदखली आदेशों के आधार पर की गई है, यह लंबे समय तक बॉम्बे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमेबाजी में उलझी रही।
अंततः इस साल 29 अप्रैल को बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के बाद पश्चिमी रेलवे को अनधिकृत अतिक्रमणों को हटाने की अनुमति मिली, जिसके तहत संयुक्त सर्वेक्षण प्रक्रिया में योग्य पाई गई लगभग 100 संरचनाओं को सुरक्षित छोड़ते के बाद चिन्हित की गई करीब 500 अवैध झुग्गियों को ध्वस्त किया जा रहा है।
पश्चिमी रेलवे अतिक्रमण हटाने के बाद बांद्रा स्टेशन के आसपास रेलवे के बुनियादी ढांचे के व्यापक विस्तार करेगा। अधिकारियों ने बताया कि बांद्रा स्टेशन के आसपास की भूमि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रेलवे कॉरिडोर और पास के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स व्यापारिक जिले के निकट है। कई निवासियों ने दावा किया कि वे दशकों से गरीब नगर में रह रहे हैं और उनके पास मकान कर के कागजात, पानी के कर की रसीदें और बीएमसी द्वारा जारी किए गए अधिकृत बिजली कनेक्शन जैसे नागरिक दस्तावेज हैं। कई निवासी इस बात को लेकर नाराज हैं कि यह तोड़फोड़ की कार्रवाई 27 मई को ईद समारोह से कुछ दिन पहले हुई। स्थानीय लोगों ने कहा कि जब यह कार्रवाई शुरू हुई तब त्योहार की तैयारियां चल रही थीं।

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