शाहदरा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार; चार चोरी की कारें बरामद

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। शाहदरा जिला की एएटीएस टीम ने अंतरराज्यीय चार पहिया वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक सक्रिय ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चार चोरी की कारें बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई से दक्षिण-पूर्व, शाहदरा और पूर्वी दिल्ली के चार वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है, साथ ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में फैले एक बड़े नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में शाहदरा और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए एएटीएस टीम को सक्रिय ऑटो लिफ्टरों की पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में 6 मई 2026 को सूचना मिली कि एक कुख्यात वाहन चोर चोरी की मारुति ब्रेजा कार से हसनपुर डिपो मार्ग होते हुए शाहदरा की ओर आएगा। सूचना के आधार पर टीम ने कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर के पास जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सादाब (35) निवासी जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से चोरी की एक मारुति ब्रेजा कार बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने कई वाहन चोरी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अपने साथियों के बारे में भी जानकारी दी, जो चोरी के वाहनों को विभिन्न राज्यों में ठिकाने लगाने का काम करते थे।
आरोपी ने खुलासा किया कि वह चोरी के वाहनों को हापुड़ निवासी डॉ. वाहिद, मेरठ निवासी शमीम उर्फ पिल्ला और हैदराबाद निवासी वसीम कुरैशी को सप्लाई करता था, जो इन वाहनों के परिवहन और बिक्री में मदद करते थे। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चार चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें तीन मारुति ब्रेजा और एक मारुति बलेनो शामिल है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से वाहन चोरी करता था और बाद में उनके नंबर प्लेट बदल देता था। चोरी के वाहनों का इस्तेमाल अन्य वारदातों में भी किया जाता था, जिसके बाद उन्हें अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए बेच दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी एक शातिर अपराधी है, जो वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह कई बार जेल भी जा चुका है।
पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।




