संपत्ति के लिए दारोगा ने भाई को हनी ट्रैप में फंसाया, महिला के साथ खींच लिए फोटो
यूपी के बुलंदशहर में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। भाई ने अपने ही भाई को फंसाने के लिए प्लानिंग बना डाली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

बुलंदशहर/उत्तर प्रदेश। बुलंदशहर में संपत्ति विवाद ने उस वक्त सनसनीखेज मोड़ ले लिया, जब यूपी पुलिस के एक दारोगा पर अपने ही भाई को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगा। गुलावठी पुलिस ने इस मामले में महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दारोगा ने जमीन हड़पने के उद्देश्य से हनीट्रैप गैंग की मदद लेकर अपने भाई को ब्लैकमेल कराने की योजना बनाई थी।
मामला थाना गुलावठी क्षेत्र के गांव उलेड़ा निवासी राकेश कुमार से जुड़ा है। पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब एक माह पहले उसके मोबाइल पर एक युवती का फोन आया। युवती ने दोस्ती बढ़ाई और 6 मई को उसे हापुड़ बुलाकर साथ घूमने गई। इस दौरान युवती ने अपने मोबाइल से दोनों की फोटो और वीडियो बना लिए। अगले दिन युवती ने पहले 500 रुपये मांगे, जो पीड़ित ने यूपीआई के जरिए भिजवा दिए। इसके बाद युवती ने 20 हजार रुपये की मांग करते हुए दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
पीड़ित की शिकायत पर गुलावठी पुलिस सक्रिय हुई और जांच के दौरान हनीट्रैप गैंग की पूरी साजिश सामने आ गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि राकेश का सगा भाई नीरज कुमार, जो वर्तमान में रामपुर में यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात है, जमीन विवाद के चलते इस साजिश का मास्टरमाइंड निकला। आरोप है कि उसने हनीट्रैप गिरोह चलाने वाले ओमकार सिंह के साथ मिलकर अपने भाई को फंसाने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने महिला रानी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर हत्या, गैंगस्टर समेत कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।




