कौशाम्बी में परिवार परामर्श केंद्र की पहल, काउंसलिंग से टूटते रिश्तों को मिला नया जीवन

सचिन पांडेय,कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। जनपद में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामाजिक संतुलन और पारिवारिक शांति को बढ़ावा देने की दिशा में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के निर्देशन में संचालित परिवार परामर्श केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। सोमवार को केंद्र की टीम ने कुल 13 प्रकरणों में विस्तृत काउंसलिंग की, जिनमें से दो मामलों में पति-पत्नी एवं परिजनों की सहमति से सफल सुलह-समझौता कराकर परिवारों को टूटने से बचा लिया गया।
काउंसलिंग के दौरान टीम ने दोनों पक्षों को केवल समझौते तक सीमित न रखते हुए दांपत्य जीवन की जिम्मेदारियों, पारिवारिक अनुशासन, परस्पर सम्मान और विश्वास की महत्ता को विस्तार से समझाया। विवाद के कारणों को गंभीरता से सुनते हुए पति-पत्नी को शांत वातावरण में आमने-सामने बैठाकर यह बताया गया कि अहंकार, संवादहीनता और गलतफहमियां अक्सर रिश्तों में दरार पैदा करती हैं।
परामर्श के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें खुलकर रखीं। टीम द्वारा मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समझाने के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि अब उनके बीच कोई मनमुटाव नहीं है और वे आपसी सहमति से साथ रहकर जीवन यापन करना चाहते हैं। इसके बाद परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने विधिवत समझौता कराते हुए उन्हें नए सिरे से जीवन शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का संबंध होता है, जिसे धैर्य, सम्मान और समझदारी से ही मजबूत बनाया जा सकता है। दंपत्तियों को सलाह दी गई कि भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में आवेश में निर्णय लेने के बजाय संवाद को प्राथमिकता दें और परिवार की मर्यादा बनाए रखें।
जनपद में परिवार परामर्श केंद्र अब ऐसे लोगों के लिए भरोसे का मंच बनता जा रहा है, जहां विवादों का समाधान केवल कानूनी प्रक्रिया से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, संवाद और समझाइश के माध्यम से भी किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के नेतृत्व में यह पहल साबित कर रही है कि पुलिस न केवल अपराध नियंत्रण में सक्षम है, बल्कि समाज में टूटते रिश्तों को जोड़कर घरों में फिर से खुशियां लौटाने का भी कार्य कर रही है।




