बारामती उपचुनाव: सुनेत्रा पवार ने बनाया देश में जीत का महारिकॉर्ड

वोट मार्जिन में दो लाख से अधिक का रहा अंतर

बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की रिकॉर्डतोड़ जीत ने न सिर्फ राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं, बल्कि यह जीत राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मिसाल बन गई है। भारी जनसमर्थन के साथ मिली यह जीत पवार परिवार की राजनीतिक पकड़ और सहानुभूति लहर दोनों को दर्शाती है।

महाराष्ट्र डेस्क। महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव में सुनेत्रा पवार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भारतीय चुनावी इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया है। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने 2,18,930 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की, जो अब तक किसी भी विधायक के लिए देश की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। मतगणना के 24वें राउंड के अंत तक आए आंकड़ों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को भारी अंतर से पीछे छोड़ दिया। चुनाव में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन कोई भी प्रत्याशी 1,000 वोट का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका।
इस जीत के साथ सुनेत्रा पवार ने 2022 में यूपी चुनाव में गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसभा सीट में सुनील कुमार शर्मा का बनाया गया 2,14,835 वोटों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। यह जीत उनके दिवंगत पति अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के रूप में भी देखी जा रही है। चुनाव में सुनेत्रा पवार के समर्थन में उनके बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने सक्रिय भूमिका निभाई। विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के समर्थन ने भी इस जीत को एकतरफा बना दिया। अन्य उम्मीदवारों में करुणा मुंडे को 125 वोट और अभिजीत बिचुकले को 121 वोट मिले, जो मुकाबले की एकतरफा प्रकृति को दर्शाता है।
जीत के बाद सुनेत्रा पवार ने इसे अपने दिवंगत पति अजित पवार को समर्पित किया। उन्होंने समर्थकों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि इस मौके पर अत्यधिक जश्न या जुलूस निकालने से बचा जाए। उन्होंने कहा कि बारामती की जनता ने जो विश्वास दिखाया है, वह अजित दादा की पवित्र स्मृति को समर्पित है। हम सभी भावुक हैं। मैं सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध करती हूं कि कोई जुलूस न निकाले और न ही गुलाल उड़ाए। हमें दादा के विचारों के अनुरूप संयम रखना चाहिए।
सुनेत्रा पवार ने अपने संबोधन में कहा कि यह जीत अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने नई बारामती बनाने का संकल्प लेते हुए जनता का आभार व्यक्त किया। वहीं, पार्थ पवार ने भी जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह की जीत की उन्होंने कल्पना नहीं की थी। उन्होंने कहा कि आचार संहिता खत्म होने के बाद वे जनसुनवाई शुरू करेंगे और जनता की समस्याओं के समाधान पर काम करेंगे।

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