चैटजीपीटी ने बनाया असली दिखने वाला चेक, सोशल मीडिया पर लोगों के उड़े होश

एक सोशल मीडिया यूजर ने एक्स पर एआई द्वारा बनाया गया एक यूको बैंक चेक साझा किया, जो बिल्कुल असली दिख रहा था और तेजी से वायरल हो गया। इस घटना ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है कि भविष्य में एआई-जनित नकली दस्तावेजों से धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है।
नई दिल्ली/एजेंसी। एक सोशल मीडिया यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक एआई से बनाया गया चेक शेयर किया, जो तेजी से वायरल हो गया। यह चेक यूको बैंक का बताया गया और इसमें 69000 रुपये की राशि लिखी थी, जो यूजर शिरीष के नाम पर बनी हुई थी। यूजर ने दावा किया कि इसे ओपनएआई के नए चैटजीपीटी इमेज 2.0 मॉडल से बनाया गया है। पोस्ट के साथ उसने लिखा ‘We are so cooked’ यानी ‘अब हम खत्म हैं’।
इस इमेज में चेक के सभी हिस्से बिल्कुल असली जैसे दिख रहे थे। इसमें खाता नंबर, बैंक शाखा की जानकारी, सिग्नेचर लाइन और नीचे एमआईसीआर कोड तक साफ और सही तरीके से दिखाया गया था। इसी वजह से यह तस्वीर लोगों के बीच चिंता का कारण बन गई। कई यूजर्स को लगा कि यह असली बैंक चेक जैसा ही है।
लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही, लेकिन अधिकतर लोग चिंतित दिखे। कुछ लोगों ने कहा कि अब फोटो और वीडियो पर भरोसा करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं कुछ ने इसे कानून और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि एआई को ऐसे नकली दस्तावेज़ बनाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
कुछ यूजर्स ने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठाए। लोगों ने कहा कि जब तक असली बारकोड या सही बैंकिंग सत्यापन नहीं होगा, तब तक इस तरह का चेक कैश नहीं किया जा सकता। लेकिन चिंता इस बात की है कि भविष्य में अगर एआई काम करने वाले बारकोड भी बना दे, तो धोखाधड़ी और आसान हो सकती है।
एआई इमेज तकनीक अब पहले से काफी उन्नत हो चुकी है। पहले जहां एआई तस्वीरों में लिखे शब्द अक्सर गलत या टूटे हुए आते थे, वहीं अब चैटजीपीटी इमेज 2.0 साफ और सही टेक्स्ट बना सकता है। यह पोस्टर, मेन्यू, सरकारी फॉर्म और यहां तक कि बैंक जैसे दस्तावेज़ भी लगभग असली जैसे बना सकता है।
ओपनएआई के अनुसार, यह नया मॉडल सभी चैटजीपीटी यूजर्स के लिए उपलब्ध है, जबकि कुछ एडवांस फीचर पेड यूजर्स को मिलते हैं। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि तकनीक कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका इस्तेमाल किस तरह किया जाता है, वही असली खतरा या फायदा तय करता है।




