बंगाल में 34 लाख मतदाता नहीं डाल सकेंगे वोट, सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने उन मतदाताओं को अंतरिम मतदान अधिकार देने से इनकार कर दिया है जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। इन मतदाताओं की अपीलें अभी भी अपीलीय ट्रिब्यूनलों में लंबित हैं।

नई दिल्ली/एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने उन लोगों को अंतरिम वोटिंग अधिकार देने से इनकार कर दिया है, जिनके नाम वोटर लिस्ट को सही करने की प्रक्रिया एसआईआर में हटा दिए गए थे और जिनकी अपीलें अभी भी अपीलीय ट्रिब्यूनलों के सामने लंबित हैं।
कार्रवाही के दौरान, टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि कम से कम 16 लाख अपीलें दायर की गई हैं और उन्हें इस महीने के आखिर में होने वाले दो चरणों वाले विधानसभा चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी जानी चाहिए।
इसके जवाब में, सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘यह तो बिल्कुल भी मुमकिन नहीं है। अगर हम इसकी अनुमति देते हें, तो इसमें शामिल लोगों के वोट देने के अधिकार को निलंबित करना पड़ेगा।’
जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में 34 लाख अपीलें हैं, उन्होंने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा सौंपी गई रिपोर्टों में यह डेटा साफ तौर पर बताया गया है।
चुनाव आयोग ने बंगाल की मतदाता सूची को पहले ही फ्रीज कर दिया है और चुनाव से पहले कोई भी नया नाम इसमें शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में कोई निर्देश न दे, जो आज नहीं हुआ।
भारत निर्वाचन आयोग ने बंगाल की मतदाता सूची को पहले ही फ्रीज कर दिया है और चुनाव से पहले कोई भी नया नाम इसमें शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक कि सर्वोच्च न्यायालय इस संबंध में कोई विशेष निर्देश न दे, जो आज नहीं हुआ।

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