युद्ध की आग से चूल्‍हा ठंडा: 400 रुपये किलो बिक रही गैस, सिलिंडर के लिए लूट

फर्जी बुकिंग और ब्लैक से हाहाकार

नेशनल डेस्क। गैस संकट की आहट अब आम आदमी की रसोई से लेकर रोजगार तक साफ सुनाई देने लगी है। दिल्ली-एनसीआर में एलपीजी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगने लगी हैं, जबकि ऑनलाइन बुकिंग साइट्स ठप पड़ी हैं। कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर तो फर्जी बुकिंग दर्ज हो चुकी हैं। हालात यह हैं कि न कस्टमर केयर के नंबर लग रहे हैं और न ही सिलिंडर पहुंचाने वाले कर्मचारियों से संपर्क हो पा रहा है। नतीजा यह कि जरूरतमंदों के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं।
गांवों में महिलाएं मजबूरी में लकड़ी और उपलों (कंडा) पर खाना बनाने को विवश हैं, जबकि शहरों में पढ़ाई और रोजगार की तलाश में आए छात्रों और मजदूरों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कैफे और होटलों पर लटके ताले और लगातार महंगी होती थाली ने उन्हें असमंजस में डाल दिया है कि घर लौट जाएं या हालात सुधरने का इंतजार करें।
उधर, कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति रुकने से होटल-रेस्तरां और छोटे कारोबारियों की परेशानी भी बढ़ गई है। कई जगह स्टॉक महज दो-तीन दिन का बचा है। इसके चलते डीजल भट्टी और इंडक्शन जैसे विकल्पों की मांग अचानक बढ़ गई है। फाइव स्टार होटलों से लेकर अटल कैंटीन तक की व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। कुछ कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम दे दिए हैं तो संस्‍थानों की कैंटीन के मेन्‍यू बदल गए है। गैस संकट ने पूरे इलाके में अनिश्चितता और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में गैस आपूर्ति और प्रभावित हो सकती है।
कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोक दी गई है। ऐसी स्थिति में कई दुकानदारों ने खाने के मेन्यू में बदलाव किया है।
दिल्‍ली के मंडावली में इंडेन गैस एजेंसी पर कार्यरत प्रमोद मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन दिन से यहां अचानक भीड़ जुटने लगी है। लोग छीना-झपटी मचा रहे हैं। चीख-चिल्‍ला रहे हैं। किसी की बुकिंग नहीं हो पा रही है तो कुछ लोग बिना बुकिंग ही लाइन में लगे हुए हैं।
हंगामा करने वालों में उन लोगों की संख्‍या ज्‍यादा है, जिनको केवाईसी कराने के लिए बार-‍बार रिमांडर दिया गया है, लेकिन उन्‍होंने केवाईसी नहीं कराई और अब वो गैस सिलिंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। हालत ऐसे हो गए हैं कि हम लोगों को सिलिंडर की सप्‍लाई करना मुश्किल हो गया है।
गैस की किल्‍लत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि दिल्‍ली हाई कोर्ट की कैंटीन में अ कुछ समय के लिए मेन कोर्स नहीं मिलेगा। कैंटीन प्रबंधन ने एक नोटिस चस्‍पा किया है, जिसमें लिखा है- एलपीजी की कमी की वजह से खाना बनाना नामुमकिन हो गया है।
इसलिए कुछ समय तक मेने कोर्स नहीं बनेगा। कैंटीन प्रबंधन ने यह भी कहा कि गैस आपूर्ति दोबारा कब शुरू होगी, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। जैसे ही गैस आपूर्ति शुरू हो जाएगी, खाना बनना फिर से शुरू कर देंगे। कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से नॉलेज पार्क में कैफे, होटल और हॉस्‍टलों का कामकाज ठप हो गया है। 50 में से 45 कैफे और छोटे होटल बंद हो गए हैं। फास्‍ट फूड और थाली की रोटी महंगी हो गई है।
ग्रेटर नोएडा में 100 से अधिक कॉलेज में ढाई लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। इनमें 70 हजार से अधिक छात्र प्राइवेट हॉस्‍टल और पीजी में रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश खाने के लिए आसपास के कैफे और छोटे होटलों पर निर्भर हैं। ऐसे में इन छात्रों को खाने-पीने की दिक्‍कत हो रही है। नोएडा में फिल्‍म सिटी के आसपास खाने के ठेलों की संख्‍या कम नजर आ रही है तो वहीं 10 रुपये में मिलने वाली चाय का दाम बढ़कर 20 रुपये हो गया है।
मध्‍य प्रदेश में एलपीजी बुकिंग वेबसाइट ठप
गैस की किल्‍लत के बीच मध्‍य प्रदेश में गुरुवार से ही ऑनलाइन सिलिंडर की बुकिंग वेबसाइट ठप है। भोपाल, ग्‍वालियर, उज्‍जैन, इंदौर, जबलपुर समेत राज्‍य भर में सर्वर डाउन होने के चलते लोग सिलिंडर के लिए बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। गैस एजेंसियों पर सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ लगी है। सिलिंडर के लिए वेटिंग 7 से 8 दिन तक हो गई है। भोपाल में गैस इंडक्‍शन की बिक्री में 7 गुना तक की तेजी आई है और इंडक्‍शन की कीमते दोगुनी हो चुकी हैं। भोपाल के होटल एसोसिएशन का कहना है कि पिछले चार दिन से कर्मशियल सिलिंडर नहीं मिले है, जिससे 50 हजार से ज्‍यादा होटल-रेस्‍टोरेंट और कैफे में गैस स्‍टॉक खत्‍म होने के कगार पर है।
बिहार में कोयला और लकड़ी के दाम बढ़े
बिहार में गैस को लेकर लोग परेशान नजर आ रहे हैं। गैस एजेंसी पर लंब-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत कई शहरों में सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने से होटल-रेस्तरां, हॉस्टल और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। पटना में छात्रों और हॉस्टल संचालकों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। कुछ जगहों पर चूल्‍हा, सिगड़ी और तंदूर का जुगाड़ किया है। पटना के बाजार में लकड़ी और कोयले के दाम बढ़ गए हैं। जहां एक दिन पहले तक लकड़ी हर रोज 10 -20 किलो ही बिकती थी, अब तीन क्विंटल प्रतिदिन खरीदी जा रही है।

Patna LPG Line

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