साजा खांड जलाशय दुबछोला का पानी गर्मी से पहले ही सूख गया
साजाखांड जलाशय से स्थानीय लोगों का चलता था मछली पालन का व्यवसाय?

- जल संसाधन विभाग का कार्यालय महज शोपीस है एसडीओ और एक लिपिक की है पदस्थापना मगर कार्यालय का संचालन चपरासी के भरोसे हो रहा है?
- एसडीओ रहते हैं कार्यालय से हमेशा नदारत मुख्यालय में रहते ही नहीं है तो जलाशयों के देखरेख और रखरखाव कौन करेगा?
शोभित शर्मा,कोरिया/छत्तीसगढ़। दुबछोला स्थित साजाखांड जलाशय पूरी तरह सूख गया है स्थानिक ग्रामीणों ने बताया कि जलाशय का जब निर्माण हुआ इसके बाद से इसका सलूज गेट खराब पड़ा है पूरे साल सलूज गेट खुला रहने के कारण जलाशय का पानी लगातार बहता रहता है जो की गर्मी शुरू होने से पहले ही जलाशय का पानी पूर्ण रूप से समाप्त हो गया है और सुख गया स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय के सूखने से सिंचाई और जानवरों के पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है सबसे अधिक असर स्थानीय मछुआरों के जिविका पर पडा है। इस जलाशय से मछली का व्यवसाय किया जाता था। जलाशय में पानी सूख जानें से बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं जिससे स्थानीय मछुआरों की जीविकापार्जन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
खड़गवां मुख्यालय स्थित जल संसाधन विभाग का कार्यालय भी अधिकारियों की लापरवाही का शिकार होता दिखाई दे रहा है।
कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय में पदस्थ एसडीओ कार्यालय कभी-कभी पहुंचते हैं एक बाबू की भी पदस्थापना है लेकिन वह भी अक्सर कार्यालय से ग़ायब रहते हैं ऐसे में पूरे कार्यालय की संचालन की जिम्मेदारी एक चपरासी के भरोसे चल रही है जो सुबह कार्यालय समय से शाम कार्यालय समय तक उपस्थित रहता है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा रहा है। किसानो ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही एवं उदासीनता के कारण साजा खांड जलाशय के सलूज गेट की मरम्मत का सही समय पर नहीं होने के कारण जिसका खामियाजा दुबछोला के किसान को भुगतना पड़ रहा है स्थानीय गांववासियों ने प्रशासन से सलूज गेट की शीघ्र मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों पर इस तरह की जा रही लापरवाही पर कार्यवाही करने की मांग की है।




