इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटों में हेरफेर कर सरिया चाेरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

गाजियाबाद। गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच ने इलेक्ट्रोनिक धर्मकांटों में हेरफेर कर सरिया चाेरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह से स्क्रैप माफिया रवि काना का ममेरा भाई राजू उर्फ राजकुमार अधाना भी जुड़ा हुआ है। राजू फरार है। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बदमाशों से 44.55 टन सरिया बरामद किया है। कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में हेराफेरी के लिए इस्तेमाल दो इलेक्ट्रानिक चिप, एक कार, 10 रिमोट, टेस्टिंग मशीन और फर्जी बिल बरामद किए हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव चौधरी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी डासना निवासी आफताब उर्फ अफजाल, बुलंदशहर के अरनिया निवासी शाहरूख, धौलाना के लालपुर निवासी नईम और वासिद गिरफ्तार किए हैं। आदित्य वर्ल्ड सिटी की निर्माणाधीन परियोजना में कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रानिक चिप लगाकर वजन में हेराफेरी कर सरिया निकालने का खेल चल रहा था। पुलिस ने जांच करते हुए नौ नवंबर को परियोजना से जुड़े कर्मचारी श्रवण को पकड़ा। 10 फरवरी को बाबर मलिक की गिरफ्तारी हुई। दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आफताब एवं तीन अन्य को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला कि आफताब का साझेदार राजू उर्फ राजकुमार अधाना है जो सरिया और स्क्रैप माफिया रवि नागर उर्फ रवि काना का सगा ममेरा भाई है। पुलिस अब इस कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है कि चोरी का माल किन चैनलों से खपाया जा रहा था और क्या यह संगठित माफिया नेटवर्क का हिस्सा है।
पुलिस को सरिया चोरी से अर्जित धन से जमीन, मकान और ट्रक-ट्राले खरीदे जाने की जानकारी मिली है। आरोपितों की संपती की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि आफताब पूर्व में सरिया लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामलों में जेल जा चुका है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम के उत्साहवर्धन के लिए 50 हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की है।
आफताब उर्फ अफजाल से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि सरिया चोरी से प्राप्त अवैध धन से वह अब तक कई जमीन, मकान व कई 18 टायरा ट्रक ट्राला व चार पहिया गाडी खरीद चुका है। चोरी का सरिया इन्हीं ट्रकों में लादकर भेजा जाता था। सस्ते दामों में यही सरिया बाजार में कुछ विक्रेताओं के जरिए बेचा जाता था। पुलिस अब माफिया कनेक्शन, मनी ट्रेल और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पुलिस के मुताबिक, आफताब की मुलाकात बाबर मलिक व राजू उर्फ राजकुमार अधाना से होने के बाद यह गिरोह गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अलीगढ, बुलंदशहर और उत्तराखंड में कंप्यूटरीकृत धर्मकांटों में इलैक्ट्रोनिक चिप लगाकर सरिया चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।

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