आगरा में 70 साल पुरानी दरगाह के पीछे बनी कोठरी पर चला बुलडोजर, हंगामे के बाद बढ़ा तनाव

आगरा/उत्तर प्रदेश। आगरा में दरगाह के एक भाग पर बुलडोजर चला है। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के सैय्यद चौराहे पर मंगलवार दोपहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब प्रशासन ने एक दरगाह के पीछे बनी कोठरी को बुल्डोजर से ध्वस्त कराया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान दरगाह से जुड़े लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मौके पर करीब दो घंटे तक हंगामा और नारेबाजी होती रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस फोर्स को तैनात करना पड़ा। फिलहाल क्षेत्र में तनाव के बीच शांति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर एक्शन की बात कही है। जानकारी के अनुसार, ट्रांस यमुना फेस-वन स्थित सैय्यद चौराहे पर ‘हिन्द बलि शाह’ के नाम से करीब 70 साल पुरानी दरगाह स्थित है। यहां दिलीप शाह, राजू शाह, अशोक शाह और टिंचू शाह सेवा कार्य करते हैं। दरगाह के पीछे बनी एक कोठरी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पड़ोसी दुकानदार की शिकायत पर मंगलवार दोपहर राजस्व विभाग की टीम कानूनगो और लेखपाल के साथ मौके पर पहुंची और बुल्डोजर लगाकर कोठरी को ध्वस्त करा दिया।
कार्रवाई शुरू होते ही दरगाह से जुड़े मौलवी और उनके परिजनों ने विरोध जताया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक चले इस हंगामे के चलते क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर एसीपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को समझा-बुझाकर हालात को काबू में किया।
नुनिहाई निवासी नवाजी शाह का आरोप है कि पड़ोसी दुकानदार कल्याणदास गुप्ता पिछले चार महीनों से अपने प्रतिष्ठान का निर्माण करा रहे थे और दरगाह की कोठरी हटाने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि कोठरी हटाने के बदले पांच लाख रुपये देने की पेशकश की गई थी। जब दरगाह से जुड़े लोगों ने इसका विरोध किया तो फर्जी शिकायतें देकर साजिश के तहत प्रशासन से कोठरी तुड़वा दी गई। उनका कहना है कि दरगाह और उससे जुड़ी कोठरी वर्षों से मौजूद है और यह धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है।
वहीं, दूसरे पक्ष के ट्रांस यमुना निवासी कल्याणदास गुप्ता ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि दरगाह करीब 25 वर्ष पुरानी है और इसके पीछे बनी कोठरी का निर्माण वर्ष 2021 में अवैध रूप से कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दरगाह से जुड़े लोग कोठरी हटाने के नाम पर उनसे रुपये मांग रहे थे। इसी संबंध में उन्होंने प्रशासन से शिकायत की थी, जिस पर एसडीएम एत्मादपुर ने राजस्व विभाग की टीम भेजकर कार्रवाई कराई। नारेबाजी और सांप्रदायिक तनाव फैलाने के आरोपों से भी उन्होंने इनकार किया है।
स्थिति को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है। एसडीएम एत्मादपुर सुमित सिंह ने बताया कि सड़क पर अवैध रूप से बनी कोठरी को हटाने के लिए राजस्व विभाग की टीम भेजी गई थी और बुल्डोजर से कार्रवाई की गई है। वहीं, एसीपी छत्ता-कोतवाली लिंक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि राजस्व विभाग की इस कार्रवाई की पूर्व सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। विवाद की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया।

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