हापुड़ में दिनदहाड़े 85 लाख की लूट, डीआईजी ने बदमाशों पर घोषित किया 50 हजार का इनाम
हाईवे गश्त की खुली पोल, अपराधियों का अड्डा बना जिला

हापुड़/उत्तर प्रदेश। हापुड़ के पिलखुवा क्षेत्र में एनएच-09 पर दिनदहाड़े 85 लाख रुपये लूटने वाले बदमाशों पर एडीजी और डीआईजी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए मेरठ रेंज के सभी जिलों की पुलिस को लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार, गौतमबुद्धनगर के दादरी के एक व्यापारी का मुनीम हवाला के रुपयों को लेकर हापुड़ से लौट रहा था। जिन व्यापारियों से रुपये लिए थे, वह रुपयों के बारे में सटीक ब्योरा पुलिस को नहीं दे सके हैं।
उधर, दादरी के व्यापारी की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट में भी खेल किया गया है। घटना के वक्त मुनीम व अधिकारियों ने बताया था कि हापुड़ से रुपये लेकर वह गौतमबुद्धनगर लौट रहा था। वहीं, अपनी रिपोर्ट में व्यापारी ने मुनीम को रुपये देकर हापुड़ भेजने का दावा किया है। अब बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद कई रहस्यों से पर्दा हटेगा।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में गौतमबुद्धनगर के दादरी क्षेत्र में पुरानी अनाज मंडी के गोपाल गोयल ने बताया है कि सोमवार को उसने किसी काम के लिए ददुपुर के अपने मुनीम अजयपाल को 85 लाख रुपये देकर हापुड़ भेजा था। काम न होने पर वह रुपये लेकर वापस लौट रहा था। सरस्वती मेडिकल कॉलेज के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने उससे रुपये लूटे।
उधर, घटना के वक्त मुनीम ने बताया था कि वह हापुड़ स्थित गेंहू मंड़ी के दो व्यापारियों से रुपये लेकर लौट रहा था। अब सवाल यह है कि इतनी मोटी रकम को लेकर मुनीम अकेला और बाइक पर सवार होकर क्यों आया। इस मामले में सुरक्षा की अनदेखी की गई या फिर कोई बड़ा खेल किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, मुनीम ने हापुड़ के जिस एक व्यापारी से रुपये लिए थे, उसे कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस ने उसे उठाया था। उसके बैंक खाते में एक माह में दस करोड़ रुपयों की राशि ट्रांसफर हुई थी, जिसके बाद पुलिस उसे लेकर दिल्ली लौट गई थी। बाद में साठगांठ कर पुलिस ने उसे छोड़ा था। आरोप है कि व्यापारी के पुत्र के अलावा उसके कई साथी हवाले के धंधे से जुड़े हैं। इस घटना की चर्चा पूरे शहर में जोर शोर से हो रही है।
हापुड़, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, नोएडा व गाजियाबाद पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। पिछली लूट की घटनाओं में शामिल बदमाशों, संदिग्धों व कई गिरोह के सदस्यों से पूछताछ की गई है, जिनमें गौतमबुद्धनगर व हापुड़ के व्यापारियों के प्रतिष्ठानों सहित करीब 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। जिनमें बदमाश की फोटो पुलिस के हाथ लगी हैं। मगर, फिर भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। वहीं चार जिलों की एसओजी भी लुटेरों की तलाश में लगी हुई है।
अब आरोप यह भी लग रहा है कि हाईवे पेट्रोलिंग टीम व डायल-112 की गाड़ियां हाईवे पर सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि, अवैध उगाही के लिए तैनात हैं। पिछले कुछ सालों में हाईवे पर पशु, कबाड़ व अन्य वाहनों के चालकों से उगाही के कई मामले सामने आ चुके हैं। घटना के वक्त हाईवे पर तैनात पुलिसकर्मी अगर अलर्ट होते, तो बदमाशों को पकड़ा जा सकता था।
दिसंबर 2025 में रामा अस्पताल के पास खेत से सूटकेस में झारखंड की सोनिया का कंकाल मिला था। 28 अगस्त 2025 को उसकी हत्या की गई थी। जून 2025 में दिल्ली के नीलेश ने अपनी प्रेमिका पर शक के चलते उसकी हत्या की और शव को सूटकेस में बंद करके हापुड़ में फेंक दिया। नवंबर 2024 में एनएच-09 पर एटीएमएस कॉलेज के पास हाईवे किनारे सूटकेस में एक महिला का शव मिला था। नवंबर 2025 में हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर ब्रजघाट श्मशान घाट पर चार युवक 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस क्लेम हड़पने के लिए एक पुतले का अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे।





