गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने की एसएचओ बनी 11वीं की छात्रा विदुषी

गाजियाबाद। दिन- गुरुवार। समय- सुबह के करीब 11:00 बजे, जगह- गाजियाबाद का इंदिरापुरम थाना। कुछ फरियादी अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचे थे। वहां इंस्पेक्टर के कक्ष में घुसते ही उन्होंने जो नजारा देखा तो उनकी समझ में नहीं। वे पूरा माजरा समझते इससे पहले ही इंस्पेक्टर की कुर्सी पर बैठी छात्रा विदुषी ने उनसे पूछा, आपकी क्या समस्या है? इस पर फरियादी एक दूसरे का मुंह देखने लगे। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बताया कि आज इस थाने की इंचार्ज यही हैं।
इंदिरापुरम थाने की कमान संभालने वाली 11वीं की छात्रा विदुषी ने कहा कि आज इस कुर्सी पर बैठकर पता चला कि पुलिस का काम कितना जिम्मेदारी भरा है। जनता की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी को कर्तव्य के साथ संभालना कितना चुनौती भरा काम है, इसके बारे में आज पता चला। आज का अनुभव मुझे जीवन भर याद रहेगा।
गाजियाबाद में आज ये नजारा सिर्फ इंदिरापुरम थाने का ही नहीं, बल्कि जनपद के सभी थानों में दिखाई दिया। दरअसल, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूपी की योगी सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में मिशन शक्ति चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज 11वीं और 12वीं की छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा करने और उन्हें पुलिसिंग की जानकारी से रूबरू कराने के लिए ये अनूठा आयोजन किया गया।
इसके लिए बाकायदा छात्राओं को वो पूरा प्रोटोकॉल दिया गया, जो एक इंस्पेक्टर को मिलता है। उन्हें स्कूल से ही पुलिस की गाड़ी में चार हमराहों के साथ रिसीव किया गया। सभी पुलिसकर्मियों ने सेल्यूट मारकर उनका थाने में स्वागत किया। उन्हें इंस्पेक्टर की कुर्सी पर पूरे सम्मान के साथ बैठाया।
इस दौरान छात्राओं ने न केवल थाने की बागडोर संभाली, बल्कि पुलिसिंग के टिप्स को बारीकी से समझते हुए थानों की जनसुनवाई में भी भाग लिया। छात्राओं ने थानों के साथ थाना क्षेत्र की चौकियों और क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान इंस्पेक्टर बनी छात्राओं ने समस्याओं के निस्तारण के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को दिए। छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए।



