फतेहपुर में महिला की हत्या कर शव फूंकने में मुठभेड़ के बाद पति समेत दो गिरफ्तार

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। फतेहपुर के औंग थाना इलाके के रानीपुर में बंद पड़ी फैक्टरी में पत्नी रेशमा (25) की हत्या कर शव को जलाने वाले आरोपी पति दीपू और उसके साथी सनी को सोमवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। दीपू के बाएं पैर में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूछताछ में दीपू ने बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। इस कारण उसने करीब 15 मिनट तक रेशमा का गला दबाए रखा। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पेट्रोल डालकर फूंक दिया।
बता दें कि बीती 15 सितंबर को बंद पड़ी चमड़ा फैक्टरी में महिला का सुलगता हुआ शव मिला था। इसके बाद से ही पुलिस शिनाख्त के प्रयास में जुटी थी। काफी प्रयास के बाद कानपुर महाराजपुर थाने के गंगागंज गांव निवासी रेशमा के बंद पड़े मोबाइल फोन से पुलिस को सुराग मिला। इसके बाद कड़ी दर कड़ी पूरा मामला खुलता चला गया। इंटेलीजेंस प्रभारी विनोद मिश्रा ने बताया कि रविवार देर रात सूचना मिला कि घटना में शामिल मुख्य आरोपी दीपू पासी और उसका साथी सनी बाइक से खानपुर होकर बड़ाहार की ओर जा रहे हैं।
इस पर एसओजी टीम के साथ घेराबंदी की गई और सोमवार तड़के दोनों को पकड़ लिया गया। दीपू के बाएं पैर में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके पास वारदात में प्रयुक्त बाइक, एक तमंचा, कारतूस, दो मोबाइल और कुछ रुपये बरामद हुए हैं। साथ ही दोस्त सनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
दूसरी तरफ सात दिनों से मां के आंचल के दूर उसका ढाई साल का बेटा भी मां-मां कहकर रो रहा है। परिजनों के मुताबिक मासूम सिर्फ इतना बता पा रहा है कि पापा ही अम्मा को ले गए। फिलहाल बच्चा अभी अपनी बुआ लक्ष्मी के पास ही है। रेशमा की मौत के मामले में पुलिस बच्चे से भी बातचीत कर साक्ष्य जुटा सकती है, जिससे केस और मजबूत हो सके। ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले।पुलिस ने बताया कि दीपू ने बहन लक्ष्मी के घर पर में अपने ढाई साल के बेटे को छोड़ा, उसका घर बंद पड़ी फैक्टरी के पास ही है। दीपू का अपनी बहन के घर आना-जाना था। इस कारण उसे बंद पड़ी फैक्टरी के बारे में अच्छी से जानकारी थी कि वहां कोई आता-जाता नहीं है। इसी का फायदा उठाकर वह रेशमा को लेकर फैक्टरी गया था।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के औंग थाना क्षेत्र में रानीपुर स्थित बंद फैक्टरी में सुलगते मिले शव की पहचान कानपुर जिले के महाराजपुर की रेशमा (25) के रूप में परिजन ने की है। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। इसी मामले में पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। महिला का शव 15 सितंबर को फैक्टरी में जला हुआ मिला था। विवेचना के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन फैक्टरी के आसपास मिली थी। नंबरों के आधार पर पुलिस रविवार दोपहर कानपुर महाराजपुर थाने के गंगागंज गांव दीपू पासवान के घर पहुंची।
पुलिस आने की जानकारी पर दीपू घर से भाग निकला। पुलिस ने दीपू की पत्नी रेशमा के बारे में छानबीन की। पता लगा कि रेशमा थाना क्षेत्र के ही रसूलपुर पधारा निवासी विनोद पासवान की पुत्री है। बचपन में रेशमा की मां रूपरानी की मौत हो गई थी। इसके बाद रेशमा अपनी नानी किशनी के पास जहानाबाद थाने के नयापुरवा में रहती थी। पिता से कोई वास्ता नहीं रहा। नानी ने पुलिस को बताया कि रेशमा की इंस्टाग्राम पर दोस्ती कानपुर के महाराजपुर थाने के गंगागंज निवासी दीपू पासवान से हुई थी।
दोनों परिवारों की मर्जी से 2022 में शादी की थी। शादी के बाद दोनों के बीच अनबन रहती थी। इस मामले के खुलासे के बाद थाने पर करचलपुर गांव से रेशमा की मौसी मंजू, मौसा राजाराम, मौसेरी बहन मोनी, रिश्ते में बहनोई बृजलाल पहुंचे। मौसेरी बहन मोनी ने बताया कि 15 सितंबर की दोपहर दो बजे रेशमा के पति दीपू ने उसे और अन्य रिश्तेदारों को फोन किया था। उसने बोला कि रेशमा कहीं चली गई है। नानी किशनी ने महाराजपुर थाने में शिकायत भी की लेकिन पुलिस ने उसे लौटा दिया। दीपू ने ही पत्नी की महाराजपुर थाने में 18 सितंबर को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने पूर्व जिला पंचायत सदस्य रिश्तेदार पर आरोप भी लगाया था।




