गाजा युद्ध पीड़ितों के नाम पर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, यूरोप के कई देशों से जुड़े हैं तार, 60 लोग हुए शिकार

लखनऊ/ उत्तर प्रदेश। गाजा युद्ध पीड़िताें की मदद के लिए क्राउड फंडिंग करने वाले महाराष्ट्र के तीन युवकों ने यूपी के भी करीब 60 लोगों को ठगा है। उन्होंने महिलाओं, बच्चों को खाना, कपड़े, दवाएं मुहैया कराने के लिए यूपी समेत 20 राज्यों के लोगों से करीब 2 करोड़ रुपये की उगाही की, जिसमें से करीब 15 लाख रुपये क्राउड फंडिंग करने वाले प्लेटफॉर्म को भेजे थे। वहीं बाकी रकम अपने बैंक खातों से निकालने के बाद दूसरे खातों में जमा कराई। एटीएस को जिन खातों में रकम भेजी थी, वे टेरर फंडिंग से जुड़े होने का शक है।
यूपी एटीएस ने शनिवार को महाराष्ट्र के भिवंडी निवासी मोहम्मद अयान, अबू सूफियान और थाणे निवासी जैद नोटियार को गाजा पीड़ितों की मदद के नाम पर क्राउड फंडिंग की रकम हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तीनों को सोमवार को राजधानी स्थित एटीएस की अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एटीएस ने तीनों को रिमांड पर देने का अदालत से अनुरोध भी किया है। सूत्रों के मुताबिक तीनों के खिलाफ कई लोगों ने ठगी करने की शिकायत की थी, जिसके बाद एटीएस को जांच सौंपी गई थी। एटीएस ने तीनों के खिलाफ अगस्त माह में मुकदमा दर्ज किया था। तीनों को गिरफ्तार करने के बाद प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि यूरोप से एक व्यक्ति उनसे मिलने मुंबई भी आया था। इनमें से अयान को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जबकि अबू सूफियान और जैद नोटियार भिवंडी के एक वेयरहाउस में काम करते हैं। फिलहाल एटीएस पता लगा रही है कि उन्होंने करीब 1.80 करोड़ किन लोगों को भेजे हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों ने क्राउड फंडिंग के लिए कई बैंक खाते खोले थे। उनके खातों में अचानक तेजी से रकम जमा होने पर बैंक अधिकारियों को शक हुआ, जिसके बाद लेन-देन पर रोक लगा दी गई। इसके बावजूद वह दूसरे बैंकों में खाते खोलते रहे। उन्होंने कई बार पे-पाल एप के जरिये भी संदिग्ध लोगों को रकम भेजी, जिसके बारे में गहनता से छानबीन की जा रही है। जिन लोगों को एप के जरिये रकम भेजी गई थी, उनमें से किसी की लोकेशन गाजा की नहीं मिली है।




