बुजुर्ग की फरियाद सुनने के लिए जमीन पर बैठ गए जिलाधिकारी शैलेश कुमार

भदोही/उत्तर प्रदेश। प्रशासनिक गलियारों में अक्सर अफसरों की कार्यशैली को लेकर चर्चा होती रहती है, लेकिन भदोही जिलाधिकारी शैलेश कुमार इन दिनों अपनी संवेदनशीलता और सादगी भरे व्यवहार को लेकर सुर्खियों में हैं। ग्राम पंचायत बड़ागांव में आयोजित न्यायालय आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम में लगभग 100 वर्षीय वृद्ध शत्रुघ्न दुबे अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। वृद्धावस्था और अशक्तता के कारण वह ठीक से खड़े होकर अपनी बात नहीं कह पा रहे थे। यह देख जिलाधिकारी शैलेश कुमार बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत जमीन पर बैठ गए और पूरी शालीनता के साथ उनकी समस्या सुनी। प्रशासन के सर्वोच्च पद पर बैठे अफसर का यह विनम्र और मानवीय रूप देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भर आईं और लोग तालियां बजाकर उनकी तारीफ करने लगे।जिलाधिकारी शैलेश कुमार 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भदोही की कमान संभाल रहे हैं। उनकी कार्यशैली हमेशा से ही आमजन से जुड़ी रही है। जमीनी स्तर पर जाकर सुनवाई करना, लोगों से सीधे संवाद करना और समस्याओं का तत्काल समाधान निकालना उनकी पहचान बन चुकी है।
ग्राम पंचायत बड़ागांव में हुए इस कार्यक्रम में भी फरियादियों की लंबी कतार थी, लेकिन जिलाधिकारी ने धैर्यपूर्वक हर किसी की बात सुनी। शत्रुघ्न दुबे जैसे बुजुर्ग फरियादी को सहजता से सुनना उनके मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। यही कारण है कि ग्रामीणों ने कहा कि आज हमें ऐसा लगा कि प्रशासन सचमुच जनता के द्वार तक पहुंचा है।
जिलाधिकारी शैलेश कुमार का यह जमीनी अंदाज़ और फरियादी के प्रति संवेदनशीलता भरा व्यवहार न केवल भदोही में, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। आमजन को उम्मीद है कि ऐसे ही प्रयासों से शासन-प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होगी और न्याय सचमुच लोगों के द्वार तक पहुंचेगा।




