पाकिस्‍तान में भारी बारिश और प्रलयकारी बाढ़ से त्राहिमाम

खैबर पख्‍तूनख्‍वा और पीओके में मची तबाही, 340 से ज्यादा मौतें

इस्लामाबाद/एजेंसी। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत और पीओके में बाढ़ भीषण तबाही मचा रही है। केपी के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 340 हो गई है। इसमें गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके में बाढ़ से हुई मौतों की संख्या भी शामिल है। खैबर पख्तूनख्वा में शुक्रवार को ही बाढ़ के चलते कम से कम 200 लोगों की जान गई है।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, केपी का बुनेर सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला रहा है, जहां बड़ी संख्या में घर पानी में बह गए। पीडीएमए प्रवक्ता फैजी ने बताया कि प्रांत के बाजौर, बुनेर, स्वात, मनाहरा, शांगला, तोरघर और बटाग्राम जिलों में भारी बारिश, बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से जनजीवन पटरी से उतरा हुआ है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
पाकिस्तान में जून से कई बार हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे देश में कहर बरपाया है। विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन ने परेशानी बढ़ा दी है। पीडीएमए का कहना है कि 2,000 बचावकर्मी नौ जिलों में राहत अभियान चला रहे हैं। हालांकि भारी बारिश में सड़कें बह जाने की वजह से सहायता पहुंचाने मेंखासकर भारी मशीनरी और एंबुलेंस पहुंचाने में मुश्किल हो रही है।
मौसम विभाग ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 21 अगस्त तक रुक-रुककर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि प्रांतीय सरकार के दो हेलीकॉप्टर लोगों को बचाने के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्वात और बाजौर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना राहत अभियान चला रही है।
पीओके के मुजफ्फराबाद जिले के सारली साचा गांव में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। इससे एक ही परिवार के छह सदस्य मलबे में दब गए और उनके मारे जाने की आशंका है। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने बलूचिस्तान सरकार को प्रांत में मानसून की नई बारिश के लिए आपातकालीन उपाय करने की चेतावनी दी है। यह 18 अगस्त से शुरू होकर 22 अगस्त तक जारी रहेगी।

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