वसुंधरा और इंदिरापुरम में जलभराव से कई कारें हो गईं कबाड़, क्रेन बुलाकर बेसमेंट से निकलवाई गईं गाड़ियां

गाजियाबाद। बुधवार रात हुई वर्षा से जलभराव का असर शुक्रवार को भी देखने को मिला। वसुंधरा के कुछ इलाकों में दूसरे दिन भी जलनिकासी नहीं हुई। विधायक काॅलोनी के बेसमेंट से वर्षा का पानी तो निकल गया लेकिन लोगों के वाहन खराब हो गए। क्रेन बुलाकर वाहनों को बेसमेंट से बाहर निकलवाया गया। इसके अलावा इंदिरापुरम में कीचड़ की समस्या से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
बुधवार पूरी रात हुई वर्षा के न्यायखंड-1 स्थित विधायक काॅलोनी के बेसमेंट में पानी भर गया था। इस दौरान लोगों की कार और दोपहिया वाहन पानी में डूब गए। बृहस्पतिवार को भी दिन में रिमझिम बूंदाबांदी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी लेकिन बेसमेंट में भरे पानी को देर रात तक निकलवा दिया। शुक्रवार को लोगों ने अपने वाहन देखे तो स्टार्ट नहीं हुए।
बाद में क्रेन बुलाकर वाहनों को बाहर निकाला गया और मैकेनिक के पास भेजा। स्थानीय निवासी अनुपम शुक्ला ने बताया कि चार से पांच कार और इतने ही दोपहिया वाहन पानी में डूबे रहने के चलते खराब हो गए हैं। ब्लाॅक-71, 72, 75, 76, 128 और 132 में सबसे अधिक पानी भरा था। इससे यहां रहने वाले मनोज मौर्य, पंकज, आकाश, शोभित बेरी समेत अन्य के वाहन खराब हो गए हैं। उन्होंने बताया कि वाहनों के खराब होने से लाखों का नुकसान हुआ है।
वसुंधरा सेक्टर-1 में 1035 के पास गलियों में शुक्रवार को भी जलभराव रहा। स्थानीय निवासियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक काफी पानी गलियाें में भरा था। दोपहर तक पानी कम हुआ। स्थानीय निवासी मनीष कुमार ने बताया कि सुबह के समय जलभराव से लोगों को आफिस जाने बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हुई। नगर निगम की लापरवाही से जलनिकासी की व्यवस्था क्षेत्र में नहीं की गई है। अनिल कुमार ने बताया कि पानी भरने से लोगों का राह निकलना भी मुश्किल रहा।
इंदिरापुरम में काला पत्थर रोड पर नाले की खोदाई के बाद मलबा न उठाने से दुकानों के सामने गंदगी जमी रही। वर्षा के बाद गंदगी सड़कों पर फैली रहने से लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सभी रिहायशी क्षेत्रों का सर्वे कराया जाएगा, जिससे जलभराव की सही वजह सामने आ सके।




