कानपुर के कलक्टरगंज अग्निकांड की चपेट में आया थिनर गोदाम
सर्च ऑपरेशन में मिला जले कर्मचारी का कंकाल

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के कानपुर में बीते मंगलवार को कलक्टरगंज पुरानी गल्लामंडी में आग लगने से सैकड़ों दुकानें जलकर राख हो गईं। इस भीषण अग्निकांड में सिलेंडर, केमिकल से भरे ड्रामों और बैट्री और ई-रिक्शा बैट्री में जोरदार धमाके हुए। इसकी चपेट में एक थिनर का गोदाम भी आ गया। गोदाम में काम करने वाले एक कर्मचारी की जिंदा जलकर मौत हो गई। बुधवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान थिनर गोदाम से एक कंकाल बरामद होने से हड़कंप मच गया।
कलक्टरगंज पड़ाव में सुमित जायसवाल का थिनर और केमिकल का गोदाम है। उन्नाव के जैतीपुर रामसराय निवासी कमलेश ने बताया कि मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे रूमा स्थित फैक्ट्री से थिनर के 11 ड्रम आए थे। उन्नाव के शुक्लागंज नेहरू नगर निवासी एक कर्मी बड़े ड्रमों से छोटे ड्रमों में थिनर को पलट रहा था। इस दौरान वह आग की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
कलक्टरगंज गल्लामंडी के व्यापारियों का कहना है कि सिलिंडर, बैटरियों और केमिकल के ड्रामों में विस्फोट होने की वजह से आग तेजी से फैल गई। इसके बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस अग्निकांड में गल्ला की 60 से अधिक दुकानें जल गईं। इसके साथ ट्रांसपोर्ट गोदाम समेत अन्य मालगोदाम जलकर राख हो गए। दमकल की गाड़ियों ने मोर्चा संभाला तब जाकर चार घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
कलक्टरगंज गल्ला मंडी में लगी आग इतनी विकराल थी कि 50 से ज्यादा ई-रिक्शा, स्कूटी, बाइक और करें जल गईं। धुएं का गुबार इस कदर था कि 20 किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। अतिक्रमण ने फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का रास्ता रोक दिया। सिलिंडर, बैटरियों, केमिकल से भरे ड्रामों के फटने के 100 से अधिक धमाके हुए। सिलेंडर का एक टुकड़ा उछलकर सड़क पर जाकर गिरा। जहां आग लगी थी वहां से कुछ दूरी पर सीपीसी गोदाम और ऑयल डिपो था।




