70 लाख घूस लेते इनकम टैक्स कमिश्नर जीवनलाल लावडिया रंगे हाथ गिरफ्तार
पत्नी शिप्रा श्रीवास्तव सीआईएसएफ में महानिदेशक हैं

हैदराबाद/एजेंसी। सीबीआई ने शनिवार को हैदराबाद में इनकम टैक्स (छूट) के कमिश्नर जीवन लाल लावडिया को गिरफ्तार किया। उनके साथ चार और लोग भी पकड़े गए हैं। इनमें शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप का एक सीनियर कर्मचारी भी शामिल है। यह गिरफ्तारी 70 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में हुई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हैदराबाद के आयकर आयुक्त (छूट) जीवन लाल लाविडिया और चार अन्य को 70 लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। सीबीआई को 2004 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस)अधिकारी लाविडिया के बारे में सूचना मिली थी कि वह कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और रिश्वत मांग रहे हैं। इसके बाद हाल ही में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जाल बिछाकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया।
जीवन लाल 2004 बैच के इंडियन रेवेन्यू सर्विस के अधिकारी हैं। वे बीआरएस के पूर्व विधायक रामुलु नाइक के बेटे हैं। शापूरजी के जिस कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है, उसका नाम वायरल मेहता है। वह डिप्टी जनरल मैनेजर (टैक्सेशन) के पद पर काम करता है। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जीवन लाल कथित तौर पर टैक्स अपील के मामलों में फायदा पहुंचाने के लिए रिश्वत ले रहे थे। वह यह काम बिचौलियों के जरिए कर रहे थे। छूट के अलावा, जीवन लाल के पास दो अपील यूनिट का अतिरिक्त प्रभार भी था। जीवन लाल की शादी उत्तर प्रदेश के बांदा में हुई है। उनकी पत्नी का नाम शिप्रा श्रीवास्तव है। वह सीआईएसएफ में महानिदेशक हैं। फिलहाल शिप्रा का तैनाती मुंबई में है।
जीवन लाल को 2014 से 2021 तक मुंबई में नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने प्रमुख पदों पर कार्य किया। एफआईआर के अनुसार, जीवन लाल ने एनडीडब्ल्यू विकास निगम से सहारा लेते हुए मुंबई में 2.5 करोड़ रुपये का एक अपार्टमेंट प्राप्त किया था। अपार्टमेंट को दांडेला वेंकटेश्वरलू, निवासी डेल डिस्ट्रिटो डी खम्मम, डेल क्यूअल प्रोवीन जीवन लाल के नाम खरीदा गया। यह जीवनलाल की बेनामी संपत्ति है। एफआईआर में कहा गया है कि जीवन लाल ने वायरल मेहता से 1.2 करोड़ रुपये की मांग की थी। यह रकम शापूरजी पल्लोनजी इंफ्रास्ट्रक्चर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड के एक मामले में फैसला उनके हक में करने के लिए मांगी गई थी। इसमें से 15 लाख रुपये पहले ही उनके बिचौलिए प्रकाश पवार और एम साजिदा शाह ने ले लिए थे। ये दोनों चेंबूर में रहते हैं। बाकी के 70 लाख रुपये बाद में दिए जाने थे।
जीवन लाल 2014 से 2021 तक मुंबई में तैनात थे। इस दौरान उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया। एफआईआर के अनुसार, जीवन लाल ने मुंबई में 2.5 करोड़ रुपये का एक फ्लैट रिश्वत के तौर पर लिया था। यह फ्लैट एनडीडब्ल्यू डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के एक मामले को निपटाने के एवज में लिया गया था। फ्लैट डांडेला वेंकटेश्वरलू के नाम पर रजिस्टर किया गया है। वह खम्मम जिले का रहने वाला है और जीवन लाल भी वहीं का रहने वाला है। एफआईआर में कहा गया है कि वेंचुरा सिक्योरिटीज लिमिटेड और आनंदराव शिटोले के दो अन्य मामलों में उन्होंने 20 लाख रुपये और 15 लाख रुपये लिए थे। हेमंतकुमार राजेंद्रकुमार शाह के एक मामले में जीवन लाल ने 15 लाख रुपये लिए थे।
जीवनलाल लवीडिया का जन्म 29 जुलाई 1975 को खम्मम जिले के पांडुरंगपुरम में हुआ था। उनकी मां का नाम अडिग फ़ारो है। उनकी प्राथमिक शिक्षा एनकुर के प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालय एपीआरएस में हुई और उन्होंने इंटरमीडिएट की शिक्षा नागार्जुनसागर के अनुमानित एपीआरजेसी सरकारी कॉलेज में पूरी की। उन्होंने प्रसिद्ध एनआईटी वारंगल में बी.टेक में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। एनआईटी से स्नातक करने के बाद ईसीआईएल, हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया। उसके बाद यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। पहले वह भारतीय रेलवे में आईआरएएस चुने गए। सहायक कमांडर के रूप में सीआईएसएफ में शामिल हुए और बाद के प्रयासों में भारतीय आयकर सेवा में सहायक आयुक्त बने।




