हूतियों के लिए काल बना अमेरिका, हवाई हमलों ने तोड़ी ईरान समर्थित शिया कट्टरपंथी गुट की कमर

America became the death knell for the Houthis, air strikes broke the back of the Iran-backed Shia fundamentalist group

सना/एजेंसी। यमन पर अमेरिकी हमलों ने ईरान समर्थित हूतियों को बड़ा झटका दिया है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मीडिया आउटलेट अल-ऐन मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने उत्तरी यमन के सादा गवर्नरेट में हूतियों के मुख्य गढ़ में मिलिशिया के ठिकानों, सुविधाओं और कमांड सेंटरों पर भीषण हमले किए हैं। सादा गवर्नरेट यमन के सबसे बड़े गवर्नरेट में से एक है। इसमें सऊदी अरब की सीमा के साथ उत्तर-पश्चिम यमन का एक क्षेत्र भी शामिल है। इस क्षेत्र की राजधानी सादा शहर है,जिसकी आबादी लगभ 50,000 हजार है।अल-ऐन ने बताया कि अमेरिकी सेना ने बुधवार सुबह हवाई हमलों की नई शृंखला शुरू की, जिसमें समुद्र तल से लगभ 1800 मीटर ऊपर स्थित सादा शहर और अल सलेम जिले के पूर्व में मिलिशिया बैरकों और ठिकानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से कहा गया है कि इस इलाके में बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम और हूतियों के कमांड सेंटर हो सकते हैं।
इस बीच हूतियों ने पांच हवाई हमलों की बात स्वीकार की है, जिसमें सादा शहर पर दो और अल सलेम जिले पर तीन हवाई हमले शामिल हैं। वहीं, अमेरिका लगातार हमले जारी रखे हुए है। अमेरिका ने 15 मार्च को यमन में हालिया ऑपरेशन शुरू किया था। रिपोर्ट के अनुसार, 24-25 मार्च के बीच हूतियों को सबसे भारी हवाई हमलों का सामना करना पड़ा था। इसके पहले यमन पर हमले की अमेरिकी रिपोर्ट उस समय लीक हो गई थी, जब ट्रंप प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने ग्रुप चैट में अटलांटिक के संपादक को जोड़ दिया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की संवेदनशील योजनाओं के बारे में ‘ग्रुप चैट’ में संदेश भेजे जाने को अधिक महत्व नहीं देते हुए कहा कि यह उनके प्रशासन की ‘दो महीनों में एकमात्र गड़बड़ी’ है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने अत्यधिक संवेदनशील जानकारी के लीक होने के लिए ट्रंप प्रशासन की आलोचना की थी। ट्रंप ने एनबीसी न्यूज से कहा कि यह चूक ‘गंभीर नहीं है।’
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज के प्रति निरंतर समर्थन व्यक्त किया।
‘द अटलांटिक’ द्वारा सोमवार को ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक लेख के अनुसार, वाल्ट्ज ने गलती से पत्रिका के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग को उस चैट में जोड़ दिया था, जिसमें 18 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हमले की योजना पर चर्चा कर रहे थे। ट्रंप ने कहा, ‘माइकल वाल्ट्ज ने सबक सीख लिया है और वह एक अच्छे इंसान हैं।’ उन्होंने गोल्डबर्ग को इस ग्रुप में शामिल करने के लिए वाल्ट्ज के एक अनाम सहयोगी को भी दोषी बताया। उन्होंने कहा, ‘यह व्यक्ति माइकल का परिचित था। एक कर्मचारी के पास उसका नंबर था।’

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