बागपत के राठौड़ा गांव में तीन लोगों की हत्या, पुलिस और पीएसी तैनात
Three people killed in Rathoda village of Baghpat, police and PAC deployed

बागपत/उत्तर प्रदेश। बागपत जिले में छपरौली क्षेत्र के राठौडा गांव में तीन लोगों की हत्या कर दी गई। दो दिन में अलग-अलग घटनाओं में हत्या को अंजाम दिया गया। हत्या के आरोप में अब तक छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल के साथ पीएससी तैनात कर दी गई है।
शुक्रवार को बागपत जनपद में रंगों की होली मनाई जा रही थी, लेकिन छपरौली थाना क्षेत्र के राठौड़ा गांव में खून की होली खेली गई। पानीपत में नौकरी करने वाला राठौड़ा गांव निवासी अमित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव आया हुआ था। परिजन शुक्रवार शाम को होली खेल रहे थे। पिता घर के दरवाजे के चारपाई पर बैठे थे। आरोप है कि गांव का एक युवक जिसका नाम सागर है, घर आया और अमित के पिता बुद्ध सिंह के साथ गाली-गलौज करने लगा। कुछ देर में सागर के भाई अक्षय और वंश भी मौके पर आ गए। उनके पिता पर फायरिंग कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर बाहर निकले अमित को एक गोली लगी, जिसको अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। अमित के भाई कुलवीर ने सागर, अक्षय, वंश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
शनिवार को राठौड़ा गांव के बाहर गेहूं के खेत में एक युवक का शव मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान मनीष के रूप में की है, जो एक ट्रक चालक है और पुलिसकर्मी का भाई है। 23 वर्षीय मनीष अविवाहित था। मनीष का बड़ा भाई सोहनवीर बुलंदशहर में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात है। आरोप है कि उसके दोस्तों ने ही मनीष की गोली मारकर हत्या की है। मनीष के पिता ने सागर, अक्षय, बादल, नितिन और परविंदर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
मनीष नाम के एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर रामफल के मकान में शाम को करीब 6 बजे हमला कर दिया, जिसमें रामफल और उनकी पत्नी गम्भीर रूप से घायल हो गए। दोनों को गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। रामफल के बेटे सोनू ने आरोपी मनीष और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शनिवार की शाम को रामफल की पत्नी बीरमति की जीटीबी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
छपरौली थाना क्षेत्र के राठौड़ा गांव में दो दिन में एक महिला सहित तीन लोगों की हत्या से तनाव का माहौल है। एसपी बागपत अर्पित विजयवर्गीय का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था है। पुलिस बल के साथ पीएससी के जवान भी तैनात किए गए हैं। अब तक छह लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।




