धरती पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, परमाणु युद्ध हुआ तो नहीं बचेंगे इंसान

एलन मस्क ने बनाया मानवता को बचाने का प्लान

वॉशिंगटन/एजेंसी। क्या दुनिया पर इंसानों के रहने के दिन अब गिने-चुने ही बचे हैं? इंसान जिस तरह से विध्वंसक हथियारों को बना रखा है, वे एक दिन उसी के समूल विनाश की वजह बनने वाले हैं या फिर कोई परमाणु युद्ध धरती से मानवता का नाश कर सकता है। ऐसा हम नहीं कह रहे है, बल्कि ऐसा सोचना है दुनिया के सबसे अमीर शख्स और अपने समय से आगे की सोच रखने वाले जुनूनी उद्यमी एलन मस्क का, जो ऐसी स्थिति आने पर मानवता को बचाने के लिए बैक-अप प्लान बनाने में लग गए हैं। इलेक्ट्रिक कार से लेकर अंतरिक्ष यात्रा तक, भविष्य के लिए एलन मस्क का विजन किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह लगता है। उनका नया महत्वाकांक्षी आइडिया मानवता के अस्तित्व के बारे में है। एलन मस्क धरती पर इंसानों को बचाने के लिए एक बैकअप प्लान बना रहे हैं। यह एक स्पेसशिप, यानी भविष्य का जहाज जो वैश्विक तबाही की स्थिति में मानवता के लिए ग्रह से बाहर निकालने का टिकट बन सकता है।
मंगल ग्रह के लिए एलन मस्क के जुनून से दुनिया वाकिफ है। उनकी कंपनी स्पेसएक्स अंतरिक्ष यात्रा पर अथक प्रयास कर रही है और उसका आखिरी लक्ष्य लाल ग्रह पर एक स्थायी कॉलोनी बनाना है। लेकिन यह सिर्फ खोज और अनुसंधान के लिए नहीं है। इसके पीछे मस्क का एक छिपा विचार है। दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और परमाणु युद्ध के खतरे के साथ एलन मस्क एक ऐसा भविष्य देखते हैं, जहां पृथ्वी पर रहना शायद संभव न हो।
मस्क ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ‘जितना अधिक समय तक हम एक ग्रह तक खुद को सीमित रखेंगे, मानवता के विलुप्त होने का खतरा उतना ही अधिक होगा।’ इसका समाधान वे एक ग्रह से दूसरे ग्रह तक पहुंचाने वाली नौका में ढूढ़ते हैं। वैसे तो स्पेस आर्क का आइडिया नया नहीं है। साइंस फिक्शन कहानियों में इसका जिक्र होता रहा है, लेकिन मस्क इसे वास्तविकता बनाना चाहते हैं।
टेस्ला की इंजीनियरिंग टीमों ने सालों पहले इस पर विचार किया था। एक ऐसा टिकाऊ जहाज बनाना जो वैश्विक संकट की स्थिति में हजारों लोगों को मंगल ग्रह पर पहुंचा सके। स्पेसएक्स का स्टारशिप इसी दिशा में कदम को दिखाता है, लेकिन स्पेस आर्क ज्यादा बड़ा और अधिक एडवांस होगा।
भले ही मस्क लोगों को मंगल ग्रह पर ले जाने में सफल हो जाएं, लेकिन असली चुनौती उनके पहुंचने के बाद शुरू होगी। ग्रह इंसानों के लिए रहने योग्य होने से बहुत दूर है। जहरीला तापमान, जहरीली हवा और कोई प्राकृतिक भोजन या पानी का स्रोत नहीं होने से जीवित रहना एक बुरे सपने की तरह है। इंसानों के रहने लायक बनाने लिए मंगल ग्रह के वायुमंडल को बदलना होगा ताकि यह पृथ्वी जैसा बन सके। ऑक्सीजन पैदा करना और एक आत्मनिर्भर एयर सप्लाई तैयार करना होगा। भोजन के इंतजाम के साथ विकिरण और चरम मौसम से भी बचाना होगा। जाहिर है यह आसान नहीं होगा।

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