महाकुंभ में बाल साधु बने बच्चे होंगे चिह्नित
राष्ट्रीय बाल आयोग ने डीएम प्रयागराज को दिए निर्देश, होगी काउंसलिंग

- महाकुंभ में बाल साधुओं की पहचान और सुरक्षा की तैयारी
- बच्चों को भिक्षावृति से रोकने के लिए काउंसलिंग होगी
- महाकुंभ में चाइल्ड फेंड्रली कॉर्नर बनाने की मांग
आगरा/उत्तर प्रदेश। महाकुंभ में बाल साधु बनकर नजर आने वाले बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। उन्हें सुरक्षित आश्रय गृहों में भेजा जाएगा। कडकड़ाती ठंड में तमाम बच्चे शिविर में बिना कपड़ों के शरीर पर भस्म लगाकर बैठे हैं। इसके अलावा बाल भिक्षुओं को भी पकड़कर उनकी काउंसलिंग की जाएगी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने डीएम प्रयागराज को निर्देश दिए हैं। वे ऐसे बच्चों को चिन्हित करें। ताकि महाकुंभ साल 2021 के हरिद्वार कुंभ की तरह चाइल्ड फेंड्रली बन सके।आगरा नगला अजीता के रहने वाले चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस ने कहा है कि साल 2021 में हरिद्वार में कुंभ आयोजित किया गया था। कुंभ में तमाम बच्चे गेरुआ रंग के वस्त्र धारण करके भिक्षावृति कर रहे थे। भिक्षावृति को रोकने के लिए एनसीपीसीआर ने ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनकी काउंसलिंग की गई। उन्हें आश्रय केंद्रों में भिजवाया गया। इसी तर्ज पर महाकुंभ को भी चाइल्ड फेंडली बनाया जाए। जो बच्चे बाल साधु बनकर शिविर में भस्म लगाकर बैठे हैं या भिक्षावृति कर रहे हैं। उन्हें मुक्त कराकर आश्रय गृहों में भेजा जाए।
चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस ने एनसीपीसीआर को लिखे पत्र में सवाल उठाए हैं कि बच्चे दान देने की वस्तु नहीं है। पढ़ाई लिखाई की उम्र में वे अखाड़ों में कठिन तमस्या कर रहे हैं। बच्चों को अखाड़ों और संस्थानों में साधु बनने के लिए दान दिया जा रहा है। ये मानव तस्करी के दायरे में आता है। उन्होंने इस प्रथा को तत्काल रोकने की मांग की है। नरेश पारस ने बताया कि महाकुंभ में बाल साधुओं के कई इंटरव्यू मीडिया में देखे जा रहे हैं। बच्चों को उनके माता पिता ही अखाड़ों और संस्थानों को दान में दे रहे हैं। बीते दिनों आगरा की 13 साल की एक नाबालिग बेटी को उसके माता पिता ने जूना अखाड़े को दान दिया था। हालांकि उसे वापस भेज दिया। मगर बच्चे का परित्याग करने के लिए एक प्रक्रिया को अपनाया जाता है। उन्होंने मांग की है कि महाकुंभ में चाइल्ड फेंड्रली कॉर्नर बनाया जाए। बाल साधु बने नजर आए बच्चों को वहां लाकर उनकी काउंसलिंग की जाए।




