भ्रष्टाचार में दिल्ली के पुलिसवालों पर ताबड़तोड़ ऐक्शन, 10 साल में 250 से ज्यादा गिरफ्तार, 58 हुए बर्खास्त

2024 में सीबीआई ने दो दर्जन पुलिसकर्मियों को किया गिरफ्तार, कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल पर सबसे ज्यादा लगे हैं आरोप

नई दिल्ली। पिछले 10 साल में दिल्ली पुलिस के कई कर्मियों पर रिश्वत लेने और अन्य भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2015 से नवंबर 2024 के बीच करीब 250 पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया, करप्शन के मामलों में 58 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया। अन्य मामलों की जांच और कोर्ट में ट्रायल जारी हैं।पब्लिक प्रोटेक्शन मूवमेंट ऑर्गनाइजेशन के निदेशक जीशान हैदर की ओर से आरटीआई के माध्यम से दिल्ली पुलिस के सभी जिलों और यूनिट से इस संबंध में जानकारी मांगी गई थी। इसके जवाब में दिल्ली पुलिस की ओर से यह जानकारी दी गई। हालांकि इन आंकड़ों में दिल्ली पुलिस के कई जिलों और यूनिट का डेटा शामिल नहीं हैं। दिल्ली पुलिस की तरफ से इनका ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया गया। कुछ ने मांगी गई जानकारी को सूचना के अधिकार के अंतर्गत नहीं आने का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार भी कर दिया। एक जिले ने समय का अभाव और डेटा इकट्ठा करने के लिए मैन पावर कम होने का हवाला देकर जानकारी नहीं दी।
2024 में करीब दो दर्जन पुलिस वाले पकड़े गए
2024 में करीब दो दर्जन पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया, जिनमें ज्यादातर गिरफ्तारियां सीबीआई ने की। इनमें से 5 पुलिसकर्मी नवंबर 2024 में पकड़े गए थे। पकड़े गए पुलिसकर्मियों पर लोगों से अलग-अलग मामलों को सुलझाने के लिए रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगे हैं।
कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल रैंक के स्टाफ पर ज्यादा आरोप
ज्यादातर आरोप कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल रैंक के कर्मियों पर लगे हैं। उनमें से ज्यादातर ने रिश्वत के लिए अपने वरिष्ट अधिकारी की ओर से भेजे जाने की बात कही। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट कम मिली है। आंकड़ों के अनुसार, 9 साल में कुछ इंस्पेक्टर रैंक के कर्मियों को छोड़कर वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
एक मामले में आरोप है कि एक इंस्पेक्टर और एक एसआई रैंक के पुलिसकर्मी ने एक शिकायतकर्ता से ही 1.5 करोड़ रुपये की मांग कर दी। पीड़ित ने सीबीआई में गुहार लगाई और सीबीआई की टीम ने ट्रैप लगाकर दोनों पुलिसकर्मियों को 10 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए दबोच लिया। जून में पांच पुलिसकर्मियों को शराब कारोबारी को किडनैप कर उससे वसूली करने के आरोप में पकड़ा गया था।
जुलाई 2024 में वेस्ट दिल्ली के तीन पुलिसकर्मियों पर तीन युवकों का अपहरण, टॉर्चर करने और छोड़ने के लिए उनके परिजनों से 19.5 लाख रुपये लेने का आरोप लगा था। इस मामले में विजिलेंस विभाग ने एफआईआर दर्ज कर तीनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार भी किया था। इसमें ई-कॉमर्स कंपनी में काम करने वाले एक शख्स और उसके दोस्त को 27 हजार रुपये के एक ओटीपी फ्रॉड मामले में हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि पुलिसवालों ने केस में फंसाने और 10 साल की जेल करवाने की धमकी देकर 40 लाख रुपये मांगे थे। परिजनों से 19.5 लाख रुपये लेकर उन्हें छोड़ा गया था।

2024 के प्रमुख मामले

  • नवंबर: एक हेड कॉन्स्टेबल को क्राइम ब्रांच की एएनटीएफ में दर्ज एक मामले को रफा-दफा कराने के लिए शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
  • अक्टूबर: एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर को शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया।
  • अगस्त: कालकाजी थाने के एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वतखोरी के एक मामले में पकड़ा गया।
  • जुलाई: दो पुलिसकर्मियों को एक व्यक्ति से उसके भाई को तिहाड़ जेल से छुड़ाने के लिए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
  • जुलाई: सीबीआई ने सरिता विहार थाने के सब-इंस्पेक्टर और एएसआई को लंबित एफआईआर को रद्द करने के लिए 35 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया
  • जून: वेलकम थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी को सीबीआई ने बस ऑपरेटरों से जबरन पैसे वसूली करते हुए पकड़ा गया।
  • जून: ईस्ट दिल्ली पुलिस ने अपने 4 पुलिसकर्मियों को एक होटल में फर्जी रेड करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
  • फरवरी: नंद नगरी थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को मकान निर्माण की अनुमति देने के लिए रिश्वत लेते हुए हिरासत में लिया गया था।

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