कड़क मिजाज पुलिस अब ‘तुम’ नहीं ‘आप’ कहकर बुलाएगी

आगरा पुलिस कमिश्नर ने बनाई शिष्टाचार नीति

आगरा/उत्तर प्रदेश। पुलिस थाना जहां जा‍ते हुए आम आदमी के पैर लड़खड़ाने कांपने लगते हैं। बात करने पर भी डर लगने लगता है। मगर अब वही पुलिस जिसका मिजाज कड़क और सहज नहीं था, उसे सुधारने की मुहिम शुरू हो गई है। आगरा के पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ शिष्टाचार संवाद नीति की शुरुआत की है। आगरा पुलिस अब तुम या तू के लहजे में नहीं बल्कि ‘आप’ कहकर लोगों को संबोधित करेगी। साथ ही फोन आने पर सबसे पहले वे आपको नमस्ते कहेंगे। नए साल पर नए कलेवर के साथ आगरा पुलिस दिखाई देने वाली है।नवबंर 2022 में आगरा को पुलिस कमिश्नरेट का दर्जा मिला था। कमिश्नरेट होने के बाद आगरा के पुलिस थानों का इंफ्रास्टे्रक्चर बदला गया। आगरा के थाने आलीशान होटलों की तरह जगमगाते हैं। थानों में बैठने वाले प्रभारियों से लेकर कार्यालयों में काम करने वाले कमरों का इंफ्रास्टेक्चर भी आधुनिक हो गया है। आगुंतकों के कक्ष बनाए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले थानों का इंफ्रास्टे्रक्चर सुधारा। अब वे उनके आचरण में बदलाव चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने नये साल 2025 में संकल्प लिया है।
पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने ‘नवभारत टाइम्स ऑनलाइन’ से बात करते हुए बताया कि उन्होंने सबसे पहले पुलिसकर्मियों के बैठने के स्थान को दुरुस्त किया। उनके पास बेहतर फर्नीचर है। थानों की बिल्डिगें खूबसूरत कर दी गई हैं। अब वे चाहते हैं आम लोगों में उनके प्रति आचरण में भी बदलाव आना चाहिए। इसके लिए उन्होंने नए साल पर शिष्टाचार संवाद नीति की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि थानों में अपराधी नहीं फरियादी आते हैं। उनके साथ संवाद बेहतर होना चाहिए। अगर पुलिस अधिकारी गलत लहजे में बात करेंगे तो उनके खिलाफ वे कार्रवाई करेंगे।
पुलिस कमिश्नर ने आगरा पुलिस के आचरण को सुधारने के लिए 21 बिंदुओं की शिष्टाचार संवाद नीति की शुरुआत की है। जिसमें पुलिसकर्मियों के बर्ताव को बेहतर बनाने के निर्देश हैं। उन्होंने आगुंतकों के लिए थानों में पीने का पानी और मिठाई व बच्चों को टॉफी या चॉकलेट खिलाने के निर्देश दिए हैं।

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