इस दिवाली 448 करोड़ की दारू गटक गए दिल्लीवाले! एक पखवाड़े में बिकी शराब की 3.9 करोड़ बॉटल
This Diwali, Delhiites consumed liquor worth 448 crores! 3.9 crore bottles of liquor sold in a fortnight

नई दिल्ली। दिवाली के मौके पर दिल्ली में शराब की बिक्री के सारे रिकॉर्ड टूट गए। दिल्ली सरकार को इस दौरान शराब की बिक्री से मोटी कमाई हुई है। दिवाली से पहले के 15 दिनों में 3.9 करोड़ बोतलें बिकीं, जिससे सरकार को 448 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। दिवाली के मौके पर दोस्तों और परिवार के साथ जश्न मनाने का चलन है। कई लोग इस दौरान शराब का इस्तेमाल भी करते हैं। इस साल, दिल्ली में दिवाली से पहले के पंद्रह दिनों में शराब की बिक्री में भारी इजाफा देखा गया।
शराब से बंपर कमाई
दिल्ली सरकार की ओर से चल रही 680 दुकानों से 3.9 करोड़ शराब की बोतलें बिकीं, जिनकी कुल कीमत 448 करोड़ रुपये रही। यह आंकड़ा पिछले दो सालों के मुकाबले काफी ज्यादा है। 2022 में दिवाली से पहले 1.9 करोड़ बोतलें बिकी थीं, जिनकी कीमत 324 करोड़ रुपये थी। 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.7 करोड़ बोतलें और 433 करोड़ रुपये हो गया था।
3.9 करोड़ शराब की बोतलें बिकीं
शराब कारोबार के जानकारों का कहना है कि दशहरा से पहले लगभग तीन हफ्ते तक शराब की बिक्री कम रहती है। कई लोग धार्मिक कारणों से इस दौरान शराब का सेवन नहीं करते हैं। हालांकि, दशहरा के बाद से ही मांग बढ़ने लगती है और दिवाली से दो दिन पहले यह अपने चरम पर पहुंच जाती है।
29 अक्टूबर को बिकी 35 लाख बोतलें
इस साल 29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा 35 लाख बोतलें बिकीं। 30 अक्टूबर को यह आंकड़ा थोड़ा कम होकर 34 लाख रह गया। 31 अक्टूबर को दिवाली का त्योहार था और इस दिन सार्वजनिक छुट्टी होने के साथ ही शराब की बिक्री पर भी बैन था। 2023 में, दिवाली से एक दिन पहले लगभग 28 लाख बोतलें बिकी थीं, जो उस साल का सबसे ज्यादा आंकड़ा था।
बिक्री के इन आंकड़ों में व्हिस्की, रम, वोदका और जिन के साथ ही बीयर, वाइन और दूसरे पेय पदार्थ शामिल हैं। दिवाली के अलावा, नए साल की पूर्व संध्या और होली से पहले के हफ्तों में भी दिल्ली में शराब की बिक्री काफी ज्यादा होती है। अधिकारियों का कहना है कि लोग इन खास मौकों पर खुद के सेवन के अलावा उपहार देने या स्टॉक करने के लिए भी शराब खरीदते हैं।
त्योहारी सीजन में बढ़ी बिक्री
त्योहारों के मौसम में शराब की बिक्री बढ़ने से आबकारी विभाग को काफी फायदा हुआ है। सितंबर में एक्साइज सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल में आई तकनीकी खराबी के कारण दुकानों, होटलों और बार में शराब की कमी हो गई थी, जिससे विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अक्टूबर में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की ओर से प्रबंधित एक नए पोर्टल के लॉन्च होने के बाद स्थिति में सुधार हुआ। इससे शराब की दुकानों, होटलों और बार को फिर से स्टॉक करने में आसानी हुई।
हुआ दिल्ली सरकार को फायदा
अधिकारियों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वर्ष एक्साइज ड्यूटी और वैल्यू एडेड टैक्स से सरकारी राजस्व में वृद्धि हुई है। चालू वित्त वर्ष के 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक, सरकार ने शराब की बिक्री पर आबकारी शुल्क से 3,047 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह 2023-24 वित्तीय वर्ष की समान अवधि में अर्जित 2,849 करोड़ रुपये से लगभग 7% अधिक है। अपने 2024-25 के बजट में, दिल्ली सरकार ने आबकारी राजस्व 6,400 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है।




