हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले फिर बाहर आएगा बाबा राम रहीम!

इमरजेंसी और जरूरी कारण बता मांगी परोल

चंडीगढ़/एजेंसी। हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी खबर सामने आ रही है। रेप और हत्या के आरोप में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने एक बार फिर से परोल मांगी है। राम रहीम ने 20 दिन की परोल के लिए अनुरोध किया है। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भी राम रहीम फरलो पर बाहर आए थे। अब हरियाणा में 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनके परोल के आवेदन को सियासी नजरिए से देखा जा रहा है। वहीं चुनाव आयोग ने इस मामले में हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण डेरा प्रमुख का पैरोल का आवेदन निर्वाचन कार्यालय को भेज दिया गया है। उन्होंने जेल विभाग से परोल के अनुरोध के पीछे आकस्मिक और आवश्यक कारण बताया है।
डेरा प्रमुख ने अनुमति मिलने की सूरत में परोल अवधि के दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत में रहने की बात कही है। इस साल अगस्त में राम रहीम सिंह को 21 दिन की फरलो (छुट्टी) दी गई थी। अतीत में गुरमीत राम रहीम के कुछ परोल और फरलो पंजाब, हरियाणा और पड़ोसी राज्यों में चुनावों के साथ मेल खाते थे। उसे पंजाब विधानसभा चुनाव से लगभग दो हफ्ते पहले सात फरवरी, 2022 से तीन हफ्ते की फरलो दी गई थी।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि वह उन ‘अनिवार्य’ परिस्थितियों के बारे में बताए, जिनके तहत सिरसा के डेरा सच्चा सौदा (डीएसएस) के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 20 दिनों के लिए अस्थायी रूप से रिहा करना जरूरी है। दिलचस्प बात यह है कि डेरा प्रमुख 21 दिनों की अस्थायी रिहाई पूरी होने के बाद 2 सितंबर को रोहतक की सुनारिया जेल में वापस आ गए थे, जहां वे बलात्कार और हत्या के मामलों में सजा काट रहे हैं। उन्हें 20 दिनों के लिए और रिहा करने का मौजूदा प्रस्ताव स्पष्ट रूप से विधानसभा चुनावों से जुड़ा हुआ दिख रहा है। डेरा प्रमुख, जो दावा करते हैं कि राज्य में उनके बहुत बड़े समर्थक हैं, 2014 से सत्तारूढ़ भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। उनके अनुयायियों का राज्य की कुछ विधानसभा सीटों पर अच्छा खासा प्रभाव है।
भाजपा पर डेरा प्रमुख का पक्ष लेने का भी आरोप है, क्योंकि अगस्त 2017 में बलात्कार के मामलों में उनकी पहली सजा के बाद से पिछले सात वर्षों में, उन्हें राज्य अधिकारियों ने 250 दिनों से अधिक समय के लिए रिहा किया गया है। हालांकि, डेरा के प्रवक्ता ने 20 दिनों की अस्थायी रिहाई के लिए उनकी याचिका को वैधानिक प्रावधानों के भीतर बताया।
हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 5 अक्टूबर को होंगे और मतगणना 8 अक्टूबर को होगी। डेरा प्रमुख वर्तमान में अगस्त 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे हैं। 25 अगस्त, 2017 को पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें साध्वियों (महिला शिष्यों) के बलात्कार के लिए दोषी ठहराया था और उन्हें 20 साल के कारावास की दो सजाएं सुनाई थीं। वह वर्तमान में बलात्कार और एक पत्रकार की हत्या के मामले में सजा काट रहा है। बलात्कार के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला और हरियाणा और पंजाब के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा के बाद अगस्त 2017 में लगभग 40 लोगों की जान चली गई थी।

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