राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, अब रोडवेज बसों में ‘मीसा बंदी’ और ‘लोकतंत्र सैनानी’ कर सकेंगे मुफ्त सफर
Rajasthan government's big decision, now 'MISA prisoners' and 'democracy soldiers' will be able to travel free in roadways buses

जयपुर/एजेंसी। राजस्थान सरकार ने 1977 के आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब बॉलीवुड अभिनेत्री से भाजपा सांसद बनी कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ रिलीज होने वाली है, जो उसी दौर पर आधारित है।
फिल्म की रिलीज पर भले ही सेंसर बोर्ड की तलवार लटकी हो, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री तक, भाजपा नेता पिछले कुछ दिनों से 25 जून 1977 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से देश में लगाई गई आपातकाल का जिक्र करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। भाजपा शासित राज्य सरकारें अपने-अपने तरीके से आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों को ‘मीसा बंदी’ और ‘लोकतंत्र सैनानी’ का दर्जा देकर सरकारी योजनाओं का लाभ दे रही हैं।
राजस्थान सरकार ने 24 सितंबर 2024 को इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। इससे पहले भी, जब भी केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार रही है, आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों के लिए नई-नई घोषणाएं की जाती रही हैं। लेकिन कांग्रेस के सत्ता में आते ही ऐसी योजनाओं पर रोक लगा दी जाती है। राजस्थान में भी पिछले पांच साल से यह योजना बंद थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि ‘लोकतंत्र सेनानी पेंशन अधिनियम’ बनाने के लिए विधानसभा में बिल लाया जाएगा, ताकि भविष्य में कभी भी ‘लोकतंत्र सैनानियों’ की पेंशन बंद न की जा सके। हाल ही में, उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने ‘राजस्थान लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि योजना 2008’ को 1 फरवरी 2024 से प्रभावी करने की घोषणा की है।
1977 में आपातकाल लगा था, यानी लगभग 45 साल से भी ज्यादा समय बीत चुका है। उस समय जो लोग आपातकाल कानूनों का शिकार हुए थे, वे अब उम्रदराज हो चुके हैं। समय के साथ उनकी संख्या कम होती जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2019 तक राज्य में ऐसे 1405 लाभार्थी थे, जिनकी संख्या अब घटकर लगभग एक हजार रह गई है। इस साल स्वतंत्रता दिवस पर ऐसे लोगों को हर जिले में आयोजित मुख्य समारोह में सम्मानित किया गया था। उन्हें प्रतीक चिन्ह और शॉल आदि भेंट किए गए थे।
हालांकि कांग्रेस सरकार ऐसी योजनाओं को बंद कर देती है, लेकिन भाजपा सरकार समय-समय पर ‘मीसा बंदी’ और ‘लोकतंत्र सेनानियों’ के नाम पर नई योजनाएं लाती रहती है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर एक और घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री शर्मा की पहल और वित्त मंत्री दीया कुमारी की ओर से पेश किए गए बजट प्रस्ताव के बाद राज्य सरकार ने फिर से आदेश जारी किया है कि ‘लोकतंत्र सेनानी’ सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।




