उन्नाव रेप पीड़िता के साथ बदसलूकी, विरोध-प्रदर्शन करने से रोका
उन्नाव दुष्कर्म पीडिता और उसकी मां के साथ बदसुलूकी पर भड़के राहुल गांधी

नई दिल्ली। नई दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों ने 2017 के उन्नाव रेप मामले की पीड़िता और उसकी मां को दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने से कथित तौर पर रोक दिया, जिसमें पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को राहत दी गई है। पीड़िता और उसकी मां इंडिया गेट पर इस फैसले के खिलाफ धरना दे रही थीं। इससे पहले मंगलवार को उन्हें वकील और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ हिरासत में लिया गया था। बुधवार को दोनों मंडी हाउस में मीडिया से बात करने वाली थीं, लेकिन जिस बस में उन्हें सीआरपीएफ की निगरानी में ले जाया जा रहा था, वह तय जगह पर नहीं रुकी। पीड़िता की मां ने कहा, ‘हमें न्याय नहीं मिला। मेरी बेटी को बंदी बना लिया गया है। ऐसा लगता है कि वे हमें मारना चाहते हैं।’ सीआरपीएफ के जवानों ने लड़की को ले लिया और मुझे सड़क पर छोड़ दिया। हम अपनी जान दे देंगे। हम विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन सीआरपीएफ के जवानों ने उसे जबरदस्ती उठा लिया।
अधिकारियों के मुताबिक मंडी हाउस या इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। इसलिए पीड़िता और उसकी मां को या तो जंतर-मंतर ले जाया जाना था या फिर उनके घर वापस छोड़ा जाना था। इसी दौरान पीड़िता की मां ने कथित तौर पर चलती बस से छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद सीआरपीएफ जवानों पर बुजुर्ग महिला को धक्का देने और कोहनी मारने के आरोप भी लगे हैं। इसके बाद वह बस से उतर गईं, जबकि बस पीड़िता को लेकर आगे निकल गई। खास बात यह रही कि बस में महिला सीआरपीएफ कर्मी मौजूद नहीं थीं।
पीड़िता की मां ने कहा, ‘हमें न्याय नहीं मिला। मेरी बेटी को ऐसे ले जाया जा रहा है जैसे वह कैदी हो। ये सुरक्षाकर्मी हमें मार देना चाहते हैं। कुलदीप सेंगर की जमानत रद्द होनी चाहिए, नहीं तो हम अपनी जान दे देंगे। हम सुरक्षित नहीं हैं।’ वहीं योगिता भयाना ने इस घटना को न्याय की गंभीर विफलता बताया। उन्होंने कहा, ‘क्या यही न्याय है? पीड़िता की मां को सड़क पर फेंक दिया गया। वह रो रही है और हमें फोन कर रही है। पीड़िता बस में अकेली है और उसे इधर-उधर घुमाया जा रहा है।’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को उन्नाव रेप केस को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। यह घटना दिल्ली हाई कोर्ट के एक विवादित आदेश के बाद हुई, जिसमें पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दी गई थी, जिसे 2019 में पीड़िता के साथ रेप का दोषी ठहराया गया था। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर पिदिदा और उसकी मां के साथ हुई बदसुलूकी के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ‘क्या गैंग रेप पीड़िता के साथ ऐसा बर्ताव जायज है? क्या उसकी गलती यह है कि उसने न्याय के लिए आवाज उठाने की हिम्मत की? यह बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है कि उसके अपराधी को जमानत दे दी गई, खासकर तब जब पीड़िता को बार-बार परेशान किया जा रहा है और वह डर के साए में जी रही है। बलात्कारियों को जमानत और पीड़ितों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव, यह किस तरह का न्याय है? हम सिर्फ एक मरी हुई अर्थव्यवस्था ही नहीं हैं ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ, हम एक मरा हुआ समाज भी बनते जा रहे हैं। लोकतंत्र में, असहमति की आवाज उठाना एक अधिकार है और उसे दबाना एक अपराध है। पीड़िता सम्मान, सुरक्षा और न्याय की हकदार है लाचारी, डर और अन्याय की नहीं।’
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कुलदीप सिंह सेंगर की सजा पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि वह पहले ही सात साल पांच महीने जेल में काट चुका है। सेंगर 2017 के उन्नाव रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।




