मध्य प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त बने रिटायर्ड आईपीएस विजय यादव

3 अन्य की भी नियुक्ति, इनमें एक भी पत्रकार नहीं

भोपाल/मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में 5 महीने के इंतजार के बाद आखिरकार राज्य सूचना आयोग को सूचना आयुक्त मिल ही गए। भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी विजय यादव को मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा तीन सूचना आयुक्त उमाशंकर पचौरी, वंदना गांधी और ओंकारनाथ का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री संपत्तिया उइके वाली चयन समिति ने एक बैठक करके मंगलवार को इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी। चयन समिति ने मुख्य सूचना आयुक्त पद के लिए पूर्व आईपीएस और मध्य प्रदेश के पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक विजय यादव का चयन किया है। जबकि शिक्षाविद उमाशंकर पचौरी, समाज सेवी वंदना गांधी और सेवानिवृत जज ओंकार नाथ को सूचना आयुक्त के रूप में चयनित किया गया है।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग में 10 पद मार्च 2024 से ही खाली पड़े हैं। इसके चलते सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के विरुद्ध अपील के हजारों मामले आयोग में सुनवाई के लिए पेंडिंग में हैं। नियुक्ति में देरी का मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था। इसके बाद कोर्ट ने जल्द से जल्द नियुक्ति के आदेश राज्य सरकार को दिए थे।
मार्च में हुए आवेदन में 185 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन जमा किए थे। वर्तमान स्थिति को देखा जाए तो अभी भी राज्य सूचना आयोग में करीब 6 पद रिक्त हैं। इनके लिए चयन समिति अलग से बैठक करेगी। सूत्रों के अनुसार अगले एक महीने में 3 से 4 नाम और सामने आ सकते हैं। नए मुख्य सूचना आयुक्त और तीन सूचना आयुक्त जल्द ही कामकाज शुरू कर सकते हैं।
आपको बता दें कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कोई भी नागरिक लोक सूचना अधिकारी से जानकारी मांगता है। अगर वहां से उसे कोई भी जानकारी नहीं मिलती तो वह प्रथम अपील करता है। प्रथम अपील के बाद भी अगर जानकारी नहीं मिलती तो वह राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त के समक्ष अपील दायर करता है, जहां पर सुनवाई होती है। मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त ही इन अपीलों की सुनवाई करते हैं।

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